29 Mar, 2019

रूपनारायण नदी को प्रोटोकॉल मार्ग के रूप में शामिल किया गया

भारत और बांग्लादेश के बीच जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिये रूपनारायण नदी (राष्ट्रीय जल मार्ग- 86) को प्रोटोकॉल मार्ग के रूप में शामिल किया गया है. भारत और बांग्लादेश के बीच नदी मार्ग के रास्ते क्रूज़ सेवा शुरू होने जा रही है

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भारत में पिछले 10 वर्षों में निर्धनता दर 55% से कम होकर 28% पर पहुँची

हाल ही में UNDP द्वारा जारी बहु-आयामी निर्धनता सूचकांक 2018 के अनुसार भारत में पिछले 10 वर्षों में निर्धनता दर 55% से कम होकर 28% पर पहुँच गयी है. 2005-06 और 2015-16 के बीच 271 मिलियन लोग गरीबी से बाहर आये

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नौसेना के प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने अत्याधुनिक परमाणु, जैविक और रासायनिक प्रशिक्षण सुविधा का उद्घाटन किया

INS शिवाजी, लोनावाला में नौसेना के प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा द्वारा भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक परमाणु, जैविक और रासायनिक प्रशिक्षण सुविधा (NBCTF) का उद्घाटन किया गया था. प्रशिक्षण सुविधा का नाम ABHEDYA रखा गया है, जिसका संस्कृत में अर्थ अभेद्य है.

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने मार्च 2016 में सुविधा के निर्माण के लिए भारतीय नौसेना के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे. नई सुविधा से परमाणु, जैविक और रासायनिक पहचान और सुरक्षा प्रणालियों से लैस नौसैनिक जहाजों के ट्रेन कर्मियों को मदद करने की उम्मीद है.
वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को नौसेना स्टाफ (CNS) का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है

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भारत ने 2018 में 2,299 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन किया

हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी द्वारा जारी वैश्विक ऊर्जा और कार्बन डाइऑक्साइड स्थिति रिपोर्ट (Global Energy & CO2 Status Report) के अनुसार, भारत ने 2018 में 2,299 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन किया, जो पिछले साल की तुलना में 4.8 प्रतिशत अधिक है

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और इंडोनेशिया के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मादक पदार्थों, नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी और आवाजाही से निपटने पर भारत और इंडोनेशिया के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर को अपनी मंजूरी दे दी है.

इस समझौते से मादक पदार्थों और नशीले पदार्थों के नियमन तथा मादक पदार्थों की तस्‍करी से निपटने के लिए परस्‍पर सहयोग में मदद मिलेगी. यह समझौता हस्‍ताक्षर की तिथि से प्रभावी होगा और 5 वर्ष की अवधि के लिए लागू रहेगा. गौरतलब है कि भारत ने 37 देशों के साथ ऐसी संधियों/सहमति पत्रों/समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए हैं.

सहमति पत्र की मुख्‍य विशेषताएं निम्‍नलिखित हैं:-
इस समझौते से दोनों देशों के बीच संयुक्‍त राष्‍ट्र अंतर्राष्‍ट्रीय ड्रग नियंत्रण संधियों के अनुसार मादक पदार्थों और नशीले पदार्थों तथा मादक पदार्थों की तस्‍करी और इसकी आवाजाही से निपटने में सहयोग बढ़ेगा.
इस सहमति पत्र के तहत सहयोग में मादक पदार्थों, नशीले पदार्थों की अवैध तस्‍करी और इसकी आवाजाही से निपटने में दोनों देशों के राष्‍ट्रीय विधान के मौजूदा वैधानिक औजारों पर आधारित विवरण का आदान-प्रदान करना, मादक पदार्थों, नशीले पदार्थों की अवैध तस्‍करी और इसकी आवाजाही तथा अनिवार्य रसायनों, धनशोधन (मनी लॉंडरिंग) के काम में शामिल लोगों की पहचान करने की दृष्टि से नियंत्रित वितरण संचालन के इस्‍तेमाल में एक दूसरे को अनुमति देना और सहायता देना शामिल हैं.
सहमति पत्र के तहत, इस सहमति पत्र के अनुसार प्राप्‍त सूचना और दस्‍तावेजों की गोपनीयता कायम रखने का प्रावधान किया गया है.
भारत-इंडोनेशिया संबंध

इंडोनेशिया से कच्‍चे पाम ऑयल का आयात करने वाला भारत सबसे बड़ा देश है तथा वहां से कोयला, खनिजों, रबड़, लुग्‍दी एवं कागज का आयात करता है. भारत परिष्‍कृत प्रेट्रोलियम उत्‍पादों, मक्‍का, वाणिज्यिक वाहनों, दूर संचार के उपकरणों, तिलहनों, पशु आहार, कपास, स्‍टील के उत्‍पादों तथा प्‍लास्टिक आदि का इंडोनेशिया को निर्यात करता है. इंडोनेशिया में निवेश करने वाली भारत की प्रख्‍यात कंपनियां हैं: टाटा पावर, रिलायंस, अदानी, एल एंड टी, जी एम आर, जी वी के, वीडियोकॉन, पुंज लायड, आदित्‍य बिरला, जिंदल स्‍टेनलेस स्‍टील, एस्‍सार, टी वी एस, बजाज, बी ई एम एल, गोदरेज, बामन एंड लॉरी, स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया आदि. जहां तक व्‍यापार एवं आर्थिक संबंधों का प्रश्‍न है, इंडोनेशिया की अवसंरचना, विद्युत, कपड़ाद्व इस्‍पात, आटोमोटिव, खनन, बैंकिंग तथा एफ एम जी सी क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों ने काफी निवेश किया है. इंडोनेशिया की भी अनेक कंपनियों ने भारत की अवसंरचना परियोजनाओं में निवेश किया है

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मनु भाकर और सौरभ चौधरी ने दस मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम में क्वालिफिकेशन में विश्व रिकॉर्ड बनाया

भारतीय निशानेबाज मनु भाकर और सौरभ चौधरी की जोड़ी ने 27 मार्च 2019 को ताइपे के ताओयुआन में चल रही 12वीं एशियाई एयरगन चैम्पियनशिप में बड़ी उपलब्धि हासिल की है.
मनु भाकर और सौरभ चौधरी ने दस मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम में क्वालिफिकेशन में विश्व रिकॉर्ड बनाया और बाद में इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक भी जीता.

मुख्य बिंदु:
•   क्वालिफिकेशन में मनु भाकर और सौरभ चौधरी ने मिलकर 784 अंक बनाए तथा रूस की वितालिना बातसरासकिना और आर्तम चेर्नोसोव के पांच दिन पहले यूरोपीय चैंपियनशिप में बनाये गए रिकॉर्ड को तोड़ा.
•   मनु भाकर और सौरभ चौधरी ने पांच टीमों के फाइनल में 484.8 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इससे ठीक एक महीने पहले उन्होंने दिल्ली में इसी स्पर्धा में अंतरराष्‍ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता था.
•   कोरिया की ह्वांग सियोनगुन और किम मोज की जोड़ी ने 481.1 अंक के साथ रजत पदक और ताइपे की चिया यिंग और कोउ कुआन तिंग ने 413.3 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया.

•   भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अनुसार इस स्पर्धा में भाग ले रही दूसरी भारतीय जोड़ी अनुराधा और अभिषेक वर्मा ने भी फाइनल्स में जगह बनाई, लेकिन उन्हें 372.1 अंकों के साथ चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा.

मनु भाकर के बारे में:
•   मनु भाकर एक भारतीय निशानेबाज़ हैं.
•   मनु भाकर का जन्म 18 फरवरी 2002 को झज्जर, हरियाणा में हुआ था.
•   मनु भाकर ने मैक्सिको में आईएसएसएफ विश्व कप 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था.
•   भाकर ने साल 2018 राष्ट्रमण्डल खेल के 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में भी स्वर्ण पदक जीता था.

सौरभ चौधरी के बारे में:
•   सौरभ चौधरी एक भारतीय निशानेबाज हैं.
•   सौरभ चौधरी का जन्म 11 मई 2002 को मेरठ में हुआ था.
•   उन्होंने साल 2018 एशियाई खेल की निशानेबाजी की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था. उन्होंने पहले स्वर्ण पदक जीता था और जर्मनी के सुहल में आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में एक नया जूनियर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया था.
•   सौरभ चौधरी ने 12 साल की उम्र से ही निशानेबाजी की शुरुआत कर दी थी. उन्होंने सबसे पहले बागपत स्थित वीर शाहमल राइफल क्लब से अपने कॅरियर की शुरूआत की

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मारुति सुजुकी ने केनिची आयुकावा को प्रबंध निदेशक और सीईओ नियुक्त किया

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने केनिची आयुकावा को एक अप्रैल 2019 से तीन साल की अवधि के लिए फिर से प्रबंध निदेशक और सीईओ नियुक्त कर दिया

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पेंटागन ने अमेरिका-मेक्सिको सीमा दीवार के लिए 1 अरब डॉलर राशि को मंज़ूरी दी

पेंटागन ने अमेरिकी कांग्रेस को सूचित किया है कि अमेरिका-मेक्सिको सीमा दीवार के लिए 1 अरब डॉलर राशि को मंज़ूरी दे दी गयी है. इस राशि का उपयोग अमेरिका और मेक्सिको के बीच दीवार बनाने के लिए किया जाएगा

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भारत और अमेरिका दोनों राष्ट्र देश-दर-देश रिपोर्ट का आदान-प्रदान करेंगे

भारत और अमेरिका के बीच 27 मार्च 2019 को एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं. इस समझौते के तहत दोनों राष्ट्र देश-दर-देश (सीबीसी) रिपोर्ट का आदान-प्रदान करेंगे. यह एक अंतर-सरकारी समझौता हैं. इसका प्रत्यक्ष लाभ देनों देशों में मौजूद बहुराष्ट्रीय कंपनियों को मिलेगा.

इस समझौता का मुख्य उद्देश्य सीमा पार कर चोरी पर अंकुश लगाना है. इस समझौते के साथ द्विपक्षीय सक्षम प्राधिकरण की व्यवस्था भी भारत-अमेरिका के बीच लागू हो जाएगी. इसके बाद भारत और अमेरिका के बीच ऑटोमैटिक तरीके से सीबीसी रिपोर्ट का आदान-प्रदान आसान हो जाएगा. समझौते पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के चेयरमैन पी. सी. मोदी और भारत में अमेरिकी राजदूत केनेथ आई. जस्टर ने हस्‍ताक्षर किए.

सीबीसी रिपोर्ट क्या होती है?
सीबीसी रिपोर्ट में   किसी भी बहुराष्ट्रीय कंपनी की देश-दर-देश सूचना होती है. सीबीसी रिपोर्ट में   किसी भी एमएनई समूह की आय के वैश्विक आवंटन, अदा किए गए   करों और कुछ अन्य संकेतकों से संबंधित देश-दर-देश सूचनाओं का संकलन किया गया है.इसमें   किसी विशेष क्षेत्राधिकार में कार्यरत एमएनई समूह के सभी घटक निकायों की सूची है   और इसके साथ ही इस तरह के प्रत्येक घटक निकाय के मुख्य कारोबार के स्वरूप का भी   उल्लेख किया गया है.

किसी एक वर्ष में 750   मिलियन यूरो (अथवा कोई समतुल्य स्थानीय मुद्रा) अथवा उससे अधिक का वैश्विक   समेकित राजस्व अर्जित करने वाले एमएनई समूहों के लिए अपने जनक निकाय के   क्षेत्राधिकार में सीबीसी रिपोर्टों को दाखिल करना आवश्यक है. भारतीय मुद्रा   रुपये में 750 मिलियन यूरो की समतुल्य राशि को भारतीय नियमों के तहत 5500 करोड़   रुपये के रूप में निर्दिष्ट किया गया है. दोनों ही कर प्रशासनों द्वारा इस सूचना   की बदौलत टैक्स संबंधी जोखिम का बेहतर आकलन करना संभव हो पाएगा.

मुख्य बिंदु:
•   ये सीबीसी रिपोर्ट संबंधित कर क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय कंपनियों की मूल संस्थाओं द्वारा दायर की जाती हैं.
•   ये समझौता एक जनवरी 2016 को या उसके बाद संबंधित न्यायालयों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों की अंतिम मूल संस्थाओं द्वारा दायर सीबीसी रिपोर्टों पर लागू होगा.
•   इससे अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भारतीय अनुषंगी इकाइयों द्वारा सीबीसी रिपोर्ट स्थानीय स्तर पर जमा करने की जरूरत नहीं होगी. इससे संबंधित इकाइयों पर अनुपालन बोझ कम होगा.
•   भारत सीबीसी रिपोर्टों के आदान-प्रदान के लिए बहुपक्षीय सक्षम प्राधिकरण समझौते (एमसीएए) पर पहले ही हस्ताक्षर कर चुका है, जिससे 62 क्षेत्राधिकारों के साथ सीबीसी रिपोर्टों का आदान-प्रदान करना संभव हो गया है.
•   विभिन्न देशों के बीच इस प्रकार की रिपोर्ट का आदान-प्रदान ओईसीडी/जी20 बीईपीएस (आधार क्षरण और मुनाफे का हस्तांतरण) परियोजना की कार्रवाई साल 2013 रिपोर्ट के तहत न्यूनतम मानदंड हैं जिसकी जरूरत होती है.

भारत-अमेरिका का संबंध:
भारत और अमरीका दो ऐसे देश हैं, जिन्होंने अपने आधुनिक इतिहास के दौरान अपने संबंधों में काफ़ी उतार-चढ़ाव देखे हैं. दोनों देशों के बीच भिन्न-भिन्न सामरिक और विचारधारात्मक कारणों से समय-समय पर तनावपूर्ण संबंध रहे हैं, लेकिन परिस्थितियां बदलने पर दोनों देश एक-दूसरे के क़रीब भी आए हैं. भारत और अमरीका विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं, जिनमें बहुत समानताएं हैं.
भारत और अमरीका के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ता जा रहा है और आने वाले सालों में और अधिक बढ़ने की संभावना है. इसी प्रकार भारत और अमरीका के बीच सैन्य सहयोग भी बढ़ा है. फिलहाल, अमरीका भारतीय उपमहाद्वीप में स्थिरता की वकालत करता रहा है, जिसमें कश्मीर मुद्दे पर तनाव कम करना एवं परमाणु हथियारों के प्रसार और परीक्षण का परित्याग भी शामिल है

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भारतीय रिजर्व बैंक पंजाब नेशनल बैंक पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. आरबीआई द्वारा यह घोषणा 26 मार्च 2019 को की गई थी. पीएनबी पर वित्तीय लेन-देन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग करने का आरोप है.
दरअसल आरबीआई ने स्विफ्ट परिचालन के संदर्भ में नियामकीय निर्देशों का अनुपालन नहीं करने को लेकर सरकारी क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगा दिया है.

मामला क्या है?
स्विफ्ट वैश्विक   मैसेजिंग सॉफ्टवेयर है, जिसका इस्तेमाल   वित्तीय इकाइयों द्वारा वैश्विक स्तर पर होने वाले लेनदेन के लिए किया जाता है. पीएनबी   में आभूषण कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी द्वारा किए गए 14,000 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में इसी मैसेजिंग सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग   किया गया था.

 मुख्य तथ्य:
•   आरबीआई ने विभिन्न निर्देशों के समयबद्ध क्रियान्वयन और स्विफ्ट परिचालन को मजबूत करने में विफल रहने वाले 36 सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों पर 71 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.
•   आरबीआई द्वारा जिन प्रमुख बैंकों पर जुर्माना लगाया गया था उनमें एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एचएसबीसी, बैंक ऑफ बड़ौदा, सिटी बैंक, केनरा बैंक और यस बैंक शामिल हैं. हालांकि, इस सूची में पीएनबी का नाम नहीं था.
•   रिपोर्ट्स के अनुसार, आरबीआई ने मार्च 2019 में विभिन्न निर्देशों का पालन नहीं करने को लेकर चार बैंकों पर जुर्माना लगाया था जिसमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), यूनियन बैंक, देना बैंक और आईडीबीआई बैंक शामिल थे.
•   इसमें यूनियन बैंक पर तीन करोड़ रुपये, देना बैंक पर दो करोड़ रुपये और आईडीबीआई बैंक तथा एसबीआई पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया गया था.

स्विफ्ट क्या है?
स्विफ्ट एक ऐसा नेटवर्क प्रदान करता है जो वित्तीय संस्थानों को एक सुरक्षित, मानकीकृत और विश्वसनीय वातावरण में वित्तीय लेनदेन के बारे में जानकारी भेजने और प्राप्त करने में सक्षम बनाता है. स्विफ्ट प्रत्येक वित्तीय संगठन को एक अनोखा कोड प्रदान करता है, जिसमें आठ अक्षर या 11 वर्ण हैं. कोड को एकांतर रूप से बैंक पहचानकर्ता कोड (बीआईसी), स्विफ्ट कोड, स्विफ्ट आईडी या आईएसओ 9362 कोड कहा जाता है

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