19 Mar, 2019
Fliqi added a post in Current Affairs article 3 days ago.

चुनाव तारीख के 48 घंटों के दौरान घोषणा-पत्र जारी नहीं कर सकते

आयोग ने कहा है कि चुनाव तारीख से पहले के 48 घंटों के दौरान राजनीतिक दल अपना घोषणा-पत्र जारी नहीं कर सकते हैं. दरअसल, 2014 में हुए पिछले लोकसभा चुनावों में कुछ राजनीतिक दलों ने मतदान के दिन ही अपना घोषणा पत्र जारी किया था. इस मामले में चुनाव आयोग का मानना है कि ऐसे समय में घोषणा पत्र मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए जारी किया जा सकता है. इस बार चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि इस बार ऐसा कोई विवाद न हो.

All Exam
The Hindu
0 Comments

Comments

Fliqi added a post in Current Affairs article 3 days ago.

देश में कुपोषित बच्चों का अनुपात सालाना 2 प्रतिशत की दर से घटा

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (National Family Health Survey) के ताजा सर्वेक्षण के अनुसार देश में कुपोषण के वजह से कमजोर बच्चों का अनुपात वित्त वर्ष 2017-18 में करीब दो प्रतिशत कम होकर 34.70 प्रतिशत पर आ गया.

इससे पहले दस वर्ष में कुपोषण में सालाना एक प्रतिशत की दर से कमी दर्ज की गयी थी. एक स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक सरकारी मुहिम के कारण कुपोषण से बच्चों के शारीरिक विकास में रुकावट से यह कमी आई है.

कुपोषण प्रभावित बच्चों के अनुपात:
यूनिसेफ एवं स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा किये गये एक सर्वेक्षण के मुताबिक, वर्ष 2015-16 से वर्ष 2017-18 के दौरान कुपोषण चार प्रतिशत कम हुआ है. वर्ष 2004-05 से वर्ष 2015-16 की दस वर्ष की अवधि के दौरान छह साल के कुपोषण प्रभावित ऐसे बच्चों के अनुपात में सालाना एक प्रतिशत की दर से 10 प्रतिशत की कमी आयी थी.

खून की कमी की रैंकिंग में भी सुधार:
सर्वेक्षण के अंतर्गत महिलाओं में खून की कमी (एनीमिया) जैसे अन्य मुख्य स्वास्थ्य सूचकांकों पर भी सुधार देखने को मिला है. रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं में खून की कमी 2015-16 के 50- 60 प्रतिशत से कम होकर 2017- 18 में 40 प्रतिशत पर आ गयी है.

एक तिहाई बच्चे भारत में:
रिपोर्ट 2018 के अनुसार दुनिया में कुपोषण के कारण कमजोर शरीर वाले एक तिहाई बच्चे भारत में हैं. भारत में ऐसे बच्चों की संख्या 4.66 करोड़ है. इसके बाद नाइजीरिया (13.9%) और पाकिस्तान (10.7%) का नाम आता है.

कुपोषण:
शरीर को आवश्यक   सन्तुलित आहार बहुत समय तक नहीं मिलना ही कुपोषण है. कुपोषण के वजह से बच्चों और   महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिससे वे आसानी   से कई तरह की बीमारियों के शिकार बन जाते हैं. कुपोषण मुख्यतः पर्याप्त सन्तुलित   अहार के आभाव में होता है. बच्चों और स्त्रियों के अधिकांश रोगों की जड़ में   कुपोषण ही होता है. महिलाओं में घेंघा रोग अथवा बच्चों में सूखा रोग या रतौंधी भी   कुपोषण के ही दुष्परिणाम हैं.

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण:
यह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तत्वाधान में किया जाने वाला एक मुख्य सर्वेक्षण हैं. इसके अंतर्गत परिवार और स्वास्थ्य के बारे में घरों और व्यक्तियों से जानकारी एकत्र की जाती है, जो सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद प्रदान करता हैं. यह भारत में विस्तृत स्वास्थ्य आकड़ों का मुख्य स्रोत है. पहला राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण वर्ष 1992-93 में हुआ था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2018 में पोषण अभियान की शुरुआत की थी. इसका मुख्य लक्ष्य कुपोषण को वर्ष 2015-16 के 38.4 प्रतिशत से घटाकर वर्ष 2022 में 25 प्रतिशत पर लाना है.

All Exam
The Hindu
0 Comments

Comments

Fliqi added a post in Current Affairs article 3 days ago.

आईसीसी रैंकिंग में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली पहले स्थान पर

आईसीसी द्वारा जारी की गई रैंकिंग में बल्लेबाजों की सूची में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली पहले स्थान पर मौजूद हैं. इसके अलावा रोहित शर्मा दूसरे पायदान पर हैं जबकि न्यूजीलैंड के बल्लेबाज रॉस टेलर तीसरे स्थान पर मौजूद हैं. गेंदबाजी में बुमराह के बाद न्यूजीलैंड के पेसर ट्रेंट बोल्ट दूसरे नंबर पर हैं जबकि राशिद खान तीसरे स्थान पर आ गये हैं.

All Exam
The Hindu
0 Comments

Comments

Fliqi added a post in Current Affairs article 3 days ago.

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का 17 मार्च 2019 को निधन हो गया. वे 63 वर्ष के थे. मनोहर पर्रिकर पिछले एक साल से अग्नाशय के कैंसर से पीड़ित थे. उनका इलाज अमेरिका के साथ-साथ नई दिल्ली स्थित एम्स और मुंबई के एक निजी अस्पताल में चल रहा था.

मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की बीते कुछ समय से तबीयत लगातार खराब चल रही थी. हालांकि, उन्होंने नाक में नोज पाइप लगाए हुए जनवरी 2019 में राज्य का बजट भी पेश किया था और कई अन्य जगहों पर भी सरकार के द्वारा किए जा रहे कामों का निरीक्षण करने पहुंचे थे.

मनोहर पर्रिकर के निधन से गोवा के सामाजिक राजनीतिक हालात में बहुत बड़ा असर होगा. गोवा में प्रशासनिक कार्यों पर उनकी छाप अमिट रहेगी.

राष्ट्रीय शोक घोषित:
केंद्र सरकार ने पर्रिकर के निधन के चलते 18 मार्च 2018 को राष्ट्रीय शोक घोषित किया है. गोवा सरकार ने गोवा में सात दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है. राष्ट्रीय राजधानी, सभी राज्यों की राजधानियों व केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. रक्षा मंत्री रह चुके पर्रिकर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी.

मुख्यमंत्री बनने वाले पहले आईआईटीयन थे पर्रिकर:
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर किसी भी भारतीय राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले पहले आईआईटी ग्रैजुएट थे. पर्रिकर ने आईआईटी मुंबई से साल 1978 में मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया था.

'सर्जिकल स्ट्राइक' के दौरान देश के रक्षा मंत्री:
मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर 29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान से लगी एलओसी पर भारतीय सेना द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान भारत के रक्षा मंत्री थे. केंद्र में साल 2014 में बीजेपी की अगुवाई में एनडीए की सरकार बनी. इस सरकार में मनोहर पर्रिकर को रक्षा मंत्री बनाया गया. वे साल 2017 तक इस पद पर रहे.

क्या है अग्नाशय कैंसर
अग्नाशय कैंसर यानी कि पैंक्रियाटिक कैंसर बहुत ही गंभीर रोग है. अग्नाशय में कैंसर युक्त कोशिकाओं के जन्म के कारण पैंक्रियाटिक कैंसर की शुरूआत होती है. यह अधिकतर 60 वर्ष से ऊपर की उम्र वाले लोगों में पाया जाता है. उम्र बढ़ने के साथ ही हमारे डीएनए में कैंसर पैदा करने वाले बदलाव होते हैं. इसी कारण 60 वर्ष या इससे ज्यादा उम्र के   लोगों में पैंक्रियाटिक कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है. इस कैंसर के होने की   औसतन उम्र 72 साल है. महिलाओं के मुकाबले पैंक्रियाटिक कैंसर पुरुषों को ज्यादा होता है. जो पुरुषों धूम्रपान करते है. उन्हें इस कैंसर होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है.

सामान्यत: इस कैंसर के लक्षणों में एबडोमेन के ऊपरी हिस्से में दर्द होता है, भूख कम लगती है, तेजी से वजन कम होने की दिक्कतें, पीलिया, नाक में खून आना, उल्टी होना जैसी शिकायत होती है. इस कैंसर को शांत मृत्यु (साइलेंट किलर) भी कहा जाता है, क्योंकि आरंभ में इस कैंसर को लक्षणों के आधार पर पहचाना जाना मुश्किल होता है और बाद के लक्षण प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग होते हैं.

पत्नी का भी निधन कैंसर से हुआ था:
मनोहर पर्रिकर की पत्नी मेधा का साल 2001 में कैंसर से निधन हो गया था. उनके दो बेटे हैं.

26 साल की उम्र में बने थे संघचालक:
मनोहर पर्रिकर को 26 साल की उम्र में ही गोवा का संघचालक बनने का मौका मिल गया था. वे राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान उत्तरी गोवा में प्रमुख संगठनकर्ता रहे. साल 2000 में भाजपा की पहली सरकार में ही उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल गया था.

चार बार गोवा के सीएम रहे:
मनोहर पर्रिकर अब तक चार बार गोवा के सीएम रह चुके हैं. उन्होने सबसे पहले 24 अक्टूबर 2000 में गोवा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, लेकिन मुख्यमंत्री के तौर पर उनका ये कार्यकाल मात्र 27 फरवरी 2002 तक ही रहा. उन्होने 5 जून साल 2002 को बतौर गोवा के सीएम दूसरी बार शपथ ली. इसके बाद वे मार्च 2012 में तीसरी बार गोवा के मुख्यमंत्री बने. साल 2014 में बीजेपी के केंद्र में आने के बाद उन्हें रक्षामंत्री बनाया गया. जिस वजह से उन्हें गोवा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा और उनकी जगह लक्ष्मीकांत पार्सेकर को गोवा का नया सीएम नियुक्त किया गया. उन्होने 14 मार्च 2017 को चौथी बार गोवा के सीएम पद की शपथ ली.

पर्रिकर के निधन के बाद गोवा में सियासी संकट:
मुख्यमंत्री मनोहर   पर्रिकर के निधन के बाद फिर से गोवा की बीजेपी सरकार पर संकट मंडराने लगा है.   बीजेपी के सामने अब पर्रिकर की जगह नए नेता की तलाश की चुनौती होगी, क्योंकि कांग्रेस पहले ही राज्यपाल को पत्र   लिखकर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुकी है.

गोवा में अभी कांग्रेस के पास सबसे   ज़्यादा 14 सीटें हैं. 40   सीटों वाली गोवा विधानसभा में अभी 37 सदस्य हैं, 3 सीटें खाली हैं. बीजेपी के पास 13 सीटें हैं. उसे तीन-तीन सीटों वाली गोवा फ़ॉरवर्ड पार्टी   और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी का समर्थन हासिल है.एनसीपी के पास एक सीट है   जबकि तीन अन्य निर्दलीय विधायक बीजेपी गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं.

मनोहर पर्रिकर के बारे में:
•   मनोहर पर्रिकर का जन्म 13 दिसंबर 1955 को गोवा के मापुसा गांव में हुआ था.
•   मनोहर पर्रिकर का पूरा नाम मनोहर गोपालकृष्ण पर्रिकर था.
•   पर्रिकर साल 1994 में गोवा की पणजी विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने थे.
•   भारतीय जनता पार्टी से गोआ के मुख्यमंत्री बनने वाले वह पहले नेता हैं.
•   वे साल 2014 से साल 2017 तक भारत के रक्षा मंत्री के कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश से राज्य सभा के सांसद थे.
•   मनोहर पर्रिकर की पहचान एक ईमानदार और सादगी भरा जीवन जीने वाले नेताओं में होती रही है.

All Exam
The Hindu
0 Comments

Comments

Fliqi added a post in Current Affairs article 3 days ago.

स्पेशल ओलंपिक्स-2019 में भारत को 44 स्वर्ण

स्पेशल ओलंपिक्स-2019 में भारत 44 स्वर्ण, 54 रजत और 68 कांस्य पदक सहित कुल 166 पदक जीत चुका है. 14 से 21 मार्च तक होने वाले स्पेशल ओलंपिक के लिए 378 सदस्यीय भारतीय दल हिस्सा ले रहा है जिसमें 289 एथलीट और 73 कोच शामिल हैं. स्पेशल ओलंपिक खेलों का आयोजन हर 2 साल में एक बार किया जाता है. स्पेशल ओलंपिक भारत की स्थापना साल 1968 में हुई थी और इस साल ये अपना 50वां स्थापना वर्ष सेलिब्रेट कर रहा है.

All Exam
The Hindu
0 Comments

Comments

Fliqi added a post in Current Affairs article 3 days ago.

मध्य प्रदेश में भगोरिया महोत्सव की शुरुआत की

होली के सात दिन पहले मध्य प्रदेश में आदिवासी समुदाय द्वारा भगोरिया महोत्सव की शुरुआत की जाती है. पारंपरिक भगोरिया महोत्सव में इस क्षेत्र की संस्कृति, परिवेश, रहन-सहन, वेषभूषा, वाद्ययंत्र प्रमुख आकर्षण होते हैं. भगोरिया त्योहार में आदिवासी लोग भागोरादेव की पूजा करते हैं. झाबुआ, धार, अलीराजपुर और खरगोन जैसे क्षेत्रों में यह सबसे पुराने त्योहारों में से एक है.

All Exam
The Hindu
0 Comments

Comments

Fliqi added a post in Current Affairs article 3 days ago.

टोक्यो ओलंपिक्स के लिए क्वॉलिफाई करने वाले पहले भारतीय ऐथलीट बने

जापान में 17 मार्च 2019 को एशियन रेस वॉकिंग चैंपियनशिप में चौथा स्थान हासिल करने के साथ रेस वॉकर के.टी. इरफान 2020 टोक्यो ओलंपिक्स के लिए क्वॉलिफाई करने वाले पहले भारतीय ऐथलीट बन गए. एक घंटे, 20 मिनट और 57 सेकेंड में रेस पूरी करने वाले इरफान ने दोहा (कतर) में होने वाले आईएएएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी जगह पक्की कर ली.

All Exam
The Hindu
0 Comments

Comments

Fliqi added a post in Current Affairs article 3 days ago.

भारत 2020 में अंडर-17 महिला विश्व कप की मेजबानी करेगा

अंतरराष्ट्रीय फुटबाल महासंघ (फीफा) अध्यक्ष जियानी इनफैनटिनो ने घोषणा की कि भारत 2020 में अंडर-17 महिला विश्व कप की मेजबानी करेगा. हाल ही में अमेरिका के मियामी में फीफा परिषद की बैठक के बाद यह घोषणा की गई है.

इनफैनटिनो द्वारा जारी घोषणा में कहा गया कि 2020 में होने वाले फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप के मेजबान देश के लिये भारत की पुष्टि कर दी गई है. भारत पहली बार महिला अंडर-17 विश्व कप की मेजबानी करेगा. इससे पहले भारत ने 2017 में अंडर-17 पुरुष फुटबॉल विश्व कप का आयोजन किया था. इसमें इंग्लैंड ने स्पेन को फाइनल में 5-2 से हराकर विश्वकप का खिताब अपने नाम किया था.

महिला अंडर-17 के पूर्व   विजेता

वर्ष                           विजेता देश
2008                     उत्तर कोरिया
2010                     दक्षिण कोरिया
2012                     फ़्रांस
2014                     जापान
2016                     उत्तर कोरिया
2018                     स्पेन

प्रतीकात्मक फोटो
भारत में अंडर-17 महिला विश्व कप
•    फ्रांस की दावेदारी को पीछे छोड़ते हुए भारत ने मेजबानी का अधिकार हासिल किया है. 
•    फ्रांस और भारत ने अंडर-17 विश्व कप की मेजबानी में रुचि दिखाई थी और अंत में इसके लिए भारत को चुना गया.
•    यह सातवां अंडर-17 महिला विश्वकप होगा. 
•    इस आयोजन से भारत में महिला फुटबॉल को बढ़ावा मिल सकता है. 
•    भारत अंडर-17 महिला विश्वकप की मेजबानी करने वाला दूसरा एशियाई देश है. 
•    इससे पहले 2016 में जॉर्डन ने मेजबानी की थी। 2016 का खिताब उत्तर कोरिया ने जीता था. 

पृष्ठभूमि
अंडर-17 महिला विश्वकप की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी. इसकी पहली मेजबानी न्यूज़ीलैंड ने की थी. स्पेन ने पिछले साल मैक्सिको को कड़े मुकाबले में 2-1 से हराकर खिताब जीता था. उत्तर कोरिया महिला विश्वकप का खिताब दो बार (वर्ष 2008 और वर्ष 2016) जीतने वाला पहला देश है. जबकि जापान और दक्षिण कोरिया ने एक-एक बार यह ख़िताब जीता है.

All Exam
The Hindu
0 Comments

Comments

Fliqi added a post in Current Affairs article 3 days ago.

अदाणी समूह पर 5 करोड़ रूपये का जुर्माना लगाया

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने कर्नाटक के उडुपी में पावर प्लांट को लेकर अदाणी समूह पर 5 करोड़ रूपये का जुर्माना लगाया है. एनजीटी ने इस प्लांट के विस्तार के लिए अदाणी समूह को दी गई पर्यावरणीय मंज़ूरी भी रद्द कर दी है.

All Exam
The Hindu
0 Comments

Comments

Fliqi added a post in Current Affairs article 3 days ago.

इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन को पद्म भूषण से सम्मानित किया

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन को पद्म भूषण से सम्मानित किया. 1994 में इसरो की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हुए नारायणन को सुप्रीम कोर्ट ने 1998 में निर्दोष ठहराया था. वहीं, 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने 'मानसिक प्रताड़ना' को लेकर केरल को उन्हें 50 लाख रुपये मुआवज़ा देने का आदेश दिया था.

All Exam
The Hindu
0 Comments

Comments