28 Feb, 2019

श्रीलंका के पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या पर 2 साल का प्रतिबंध

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने श्रीलंका के पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या पर 2 साल का प्रतिबंध लगा दिया है. सनथ जयसूर्या पर मैच फिक्सिंग से जुड़ी जांच में आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट (एसीयू) को सहयोग ना करने का आरोप है. प्रतिबंध लगने के बाद अब जयसूर्या दो साल तक क्रिकेट से जुड़ी किसी भी गतिविधि का हिस्सा नहीं बन पाएंगे.

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भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट, चकोठी और मुजफ्फराबाद में एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया

भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट, चकोठी और मुजफ्फराबाद में एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया जिसमें 200 से 300 आतंकवादियों के मारे जाने की खबर है.

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भारतीय रिजर्व बैंक ने इलाहाबाद बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक और धनलक्ष्मी बैंक को प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन से हटाया

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इलाहाबाद बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक और धनलक्ष्मी बैंक को प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (PCA) ढांचे से हटा दिया है, जिससे उन्हें अपनी सामान्य उधार गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अनुमति मिल गई है.

वित्तीय पर्यवेक्षण बोर्ड (BFS) ने पीसीए के तहत बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा करने के लिए बैठक की और नोट किया कि सरकार ने वर्तमान में पीसीए ढांचे के तहत कुछ बैंकों सहित विभिन्न बैंकों में नई पूंजी का उल्लंघन किया है.

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उद्योगपति गौतम अदाणी के अदाणी समूह ने गुवाहाटी एयरपोर्ट ऑपरेट करने की बोली जीती

उद्योगपति गौतम अदाणी के अदाणी समूह ने निजीकरण के लिए रखे गए सभी 6 हवाईअड्डों के अगले 50 वर्षों तक परिचालन को लेकर बोलियां जीत ली हैं. अदाणी समूह ने 26 फरवरी 2019 को गुवाहाटी एयरपोर्ट को संचालित करने के लिए बोली जीती जबकि 25 फरवरी 2019 को उसने अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, तिरुवनंतपुरम और मंगलुरु एयरपोर्ट को संचालित करने के लिए बोली जीती थी.

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अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी सेना के अतिक्रमण को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शिकायत की

अफगानिस्तान ने अपनी धरती पर पाकिस्तानी सेना के अतिक्रमण को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में शिकायत की है. अफगानिस्तान के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना उसके क्षेत्र में गोलीबारी करने के साथ-साथ उसके हवाई क्षेत्र का भी उल्लंघन कर रही है.

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भारत ने ज़मीन से हवा में मार करने वाली क्विक रिएक्शन मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया

भारत ने 26 फरवरी 2019 को ज़मीन से हवा में मार करने वाली क्विक रिएक्शन मिसाइल (QRSAM) का ओडिशा के तट से सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सेना के लिए विकसित की जा रही इन दो मिसाइलों का परीक्षण किया है.

इस मिसाइल का निर्माण डीआरडीओ ने भारत इलेक्ट्रो्निक लिमिटेड और भारत डायनामिक लिमिटेड के साथ मिलकर भारतीय सेना के लिए किया है. इस मिसाइल को भारतीय रक्षा पंक्ति में बेहद अहम और ख़ास माना जा रहा है.

क्विक रिएक्शन मिसाइल की विशेषताएं
•    हर मौसम में काम करने वाली इस स्वदेशी मिसाइल की रेंज 25 से 30 किलोमीटर है, जो तुरंत टारगेट को ध्वस्त  कर सकती है. 
•    परीक्षण को पूरी तरह से सफल बताते हुए डीआरडीओ के एक अधिकारी ने कहा कि परीक्षण के दौरान मिशन के उद्देश्यों को पूरा किया गया. 
•    अलग-अलग ऊंचाइयों और स्थितियों से दो मिसाइलों का परीक्षण किया गया.
•    दो मिसाइलों का परीक्षण भिन्न परिस्थितियों में किया गया औऱ दोनों कामयाब रहे. इस दौरान मिसाइल की ऐरोडायनामिक्स, प्रोपल्सन, ढांचागत प्रदर्शन और उच्च मैनुवर क्षमता को परखा गया.
•    परीक्षण के दौरान मिसाइल के रेडार, इलेक्ट्रोआप्टिकल सिस्टम्स, टेलीमीट्री, आदि के परीक्षण पैमाने सटीक आंके गये.
•    इस मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद भारतीय सेना जमीन से ही किसी भी संदिग्ध एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर, एंटी-शिप मिसाइल, यूएवी, बैलेस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और कॉम्बैट जेट को हवा में ही नेस्तानाबूत कर सकती है.
•    इससे पहले डीआरडीओ ने लंबी दूरी की जमीन से हवा में मार करने वाली बराक-8 मिसाइल का सफल परीक्षण किया था. 
•    बराक-8 मिसाइल को नेवल शिप से लॉन्च किया जा सकता है. यह परीक्षण भी ओडिशा के तटवर्ती इलाकों में किया गया था.

 QRSAM क्या है?
QRSAM अथवा क्विक रिएक्शन मिसाइल डीआरडीओ तथा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड एवं भारत डायनामिक्स द्वारा भारतीय सेना के लिए बनाई गई है. इस मिसाइल का पहला परीक्षण 4 जून 2017 को किया गया था और दूसरा सफल परीक्षण 3 जुलाई 2017 को किया गया था. जमीन से हवा में मार कर सकने के कारण यह भारतीय थल सेना के लिए एक अहम रक्षा उपकरण है.

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हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट में मुकेश अम्बानी को शामिल किया

हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट में हाल ही में मुकेश अम्बानी को शामिल किया गया है. मुकेश अंबानी हुरून की सूची में शामिल होने वाले पहले भारतीय हैं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व की सबसे बड़ी भगवद गीता का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 फरवरी 2019 को दिल्ली के ईस्ट ऑफ़ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर में विश्व की सबसे बड़ी भगवद गीता का उद्घाटन किया. यहां उन्होंने विश्व की सबसे बड़ी श्रीमद्भागवत गीता का विमोचन किया. 

इस अवसर पर उन्होंने 800 किलो की 670 पृष्ठों वाली विशाल गीता का विमोचन किया तथा लोगों को संबोधित भी किया. सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मानवता के दुश्मनों से धरती को बचाने के लिए प्रभू की शक्ति हमेशा हमारे साथ रहती है. यही संदेश हम पूरी प्रमाणिकता के साथ दुष्ट आत्माओं, असुरों को देने का प्रयास कर रहे हैं.

सबसे बड़ी भगवद गीता की विशेषताएं
•    इस्कॉन संस्था द्वारा तैयार की गई विश्व की सबसे बड़ी गीता इटली के मिलान शहर में बनाई गई है. 
•    इस महाग्रंथ का वजन 800 किलोग्राम है और इसे बनाने में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत आई है.
•    करीब ढाई साल में इसकी छपाई हुई है, इसका कुल वजन 800 किलोग्राम है तथा इसमें 670 पृष्ठ हैं.
•    इस्कॉन के संस्थापक स्वामी प्रभुपाद की ओर से गीता प्रचार के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह प्रकाशित कराई गई है. संस्था से जुड़े वेदांत बुक ट्रस्ट ने इसकी छपाई की है.
•    इस गीता में 670 पृष्ठ हैं, जिनका साइज़ 2.84 गुणा 2.0 मीटर है. प्रत्येक पृष्ठ को पलटने के लिए तीन से चार व्यक्तियों की जरूरत पड़ती है.
•    यह सिंथेटिक के मजबूत कागज से तैयार की गई हैं. माना जा रहा है कि इन पर कई प्रकार की धातु लगाई गई हैं, जिनमें प्लेटिनम, सोना और चांदी मुख्य हैं. 
•    इसके कवर पृष्ठ को स्वर्णिम धातु से तैयार किया गया है.

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने जेल में रहकर भी गीता लिखी थी. तिलक ने लिखा था कि इसके संदेश का प्रभाव सिर्फ दार्शनिक या विद्वान लोगों के लिए ही नहीं बल्कि आम लोगों के लिए भी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि गीता की एक प्रति मैंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी दी थी.

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केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने ‘तितानवाला म्यूजियम‘ का उद्घाटन किया

केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने 26 फरवरी 2019 को बगरू में हैंडब्लॉक प्रिंटिंग के ‘तितानवाला म्यूजियम‘ का उद्घाटन किया. उद्घाटन करने के बाद उन्होंने म्यूजियम की विभिन्न गैलरियों का भी अवलोकन किया. 

तितानवाला म्यूजियम में बड़ी संख्या में पारम्परिक वुडन ब्लॉक, कपड़ों की रंगाई व छपाई के काम आने वाले बर्तन व सहायक उपकरण तथा छीपा समुदाय के इतिहास को दर्शाने वाले पुराने फोटोग्राफ प्रदर्शित किए गये हैं.

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘तितानवाला म्यूजियम’ ने यह साबित कर दिया है कि कला व संस्कृति को आगे बढ़ाने अथवा संरक्षित करने के लिए सरकार पर निर्भर होने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा कि यह म्यूजियम बगरू को पूरे विश्व में पहचान दिलाएगा. उन्होंने कहा कि ब्लॉक प्रिंटिंग की विरासत सूरज नारायण तितानवाला जैसे संग्रहकों की पहल के कारण ही संरक्षित है, जो स्वयं छीपा समुदाय से हैं.

बगरू की ब्लॉक प्रिंटिंग कैसे होती है?
•    बगरू नामक स्थान की ब्लॉक प्रिंटिंग प्राकृतिक रंग के साथ ब्लॉक प्रिटिंग पारंपरिक तकनीकों में से एक है, जिसका श्रेय राजस्थान के छीपा समुदाय को जाता है.
•    बगरू की हाथ से की जाने वाली इस ब्लॉक प्रिंटिंग का इतिहास 1,000 वर्षों से भी पुराना है.
•    इस तकनीक में पहले कपड़े को मुल्तानी मिट्टी में धोया जाता है फिर इसे हल्दी मिले पानी में डुबोया जाता है ताकि यह पीली आभा हासिल कर सके.
•    इसके बाद डाई किये गये इन कपड़ों पर विभिन्न प्रकार के ब्लॉक्स से छपाई की जाती है. यह सारा काम हाथ से किया जाता है.
•    सागौन-लकड़ी से बनाये गये लकड़ी के ब्लॉक का उपयोग डिजाइन को प्रिंट करने के लिए किया जाता है. 
•    इन ब्लॉक्स को उपयोग से पहले रात भर तेल में भिगोया जाता है और फिर उपयोग में लाने से पहले धोया जाता है.
•    जिस कपड़े पर प्रिंटिंग की जाती है उसे चिकनी मिट्टी में भिगोकर तथा कुछ अन्य केमिकल लगाकर नरम किया जाता है.
•    कपड़े पर बेहद ध्यान से साफ़-सुथरे तरीके से ब्लॉक प्रिटिंग की जाती है. प्रिटिंग हो जाने के बाद कपड़े को धूप में सूखने के लिए रख दिया जाता है.

छीपा समाज के बारे में जानकारी
छीपा समाज के लोग भारत के पुरातन बुनकर समाज के लोग हैं. छीपा शब्द नेपाली भाषा के दो शब्दों “छी’ अर्थात् डाई करना एवं “पा” अर्थात् धूप में सुखाना से मिलकर बना है. इस समुदाय के लोग राजस्थान में काफी लंबे समय से ब्लॉक प्रिंटिंग करते हैं. इनके ब्लॉक्स पर मिलने वाली बारीक कारीगरी के कारण यह छपाई काफी प्रसिद्ध है.

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केन्द्रीय आवास व शहरी मामले मंत्रालय ने 5,60,695 घरों के निर्माण को मंज़ूरी दी

केन्द्रीय आवास व शहरी मामले मंत्रालय ने प्रधानमंत्री  आवास योजना (शहरी) के तहत शहरी निर्धन लोगों के लिए 5,60,695 घरों के निर्माण को मंज़ूरी दी. इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत मंज़ूर किये गये आवासों की कुल संख्या 79,04,674 पहुँच गयी है.

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