26 Feb, 2019

माल और जीएसटी परिषद ने अपनी 33 वीं बैठक के लिए मुलाकात की

माल और सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने अपनी 33 वीं बैठक के लिए मुलाकात की और निर्माणाधीन आवासीय संपत्तियों और सस्ती बिजली परियोजनाओं पर जीएसटी दर को घटाया. संशोधित दरें 1 अप्रैल, 2019 से लागू होंगी.

यहाँ संशोधित जीएसटी दरें हैं:
गैर-किफायती घरों के मामले में, निर्माणाधीन फ्लैटों और मकानों के लिए जीएसटी दर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के बिना 5% तक लाया गया है, यह वर्तमान में 12% है.
किफायती घरों के मामले में, GST की दर ITC के बिना 8% से घटाकर 1% कर दी गई है.
यह फैसला गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल की अध्यक्षता वाले एक मंत्रिस्तरीय पैनल की सिफारिशों पर आधारित था।

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हॉलीवुड में डॉल्बी थिएटर में 91 वें अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की

हॉलीवुड में डॉल्बी थिएटर में 91 वें अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की गई है. रामी मालेक को 'बोहेमियन रैप्सोडी’ के लिए एक लीडिंग रोल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के रूप में नामित किया गया, जबकि ओलिविया कॉलमैन ने 91 वें अकादमी पुरस्कार में 'द फेवरेट’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का ऑस्कर जीता.

भारत-आधारित 'पीरियड. एंड ऑफ़ द सेंटेंस' को सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र लघु विषय में ऑस्कर पुरस्कार के लिए चुना गया है. इस फिल्म का निर्देशन 25 वर्षीय ईरानी-अमेरिकी फिल्म निर्माता रेयका ज़्हाताबची ने किया है और इसका सह-निर्माण गुनीत मोंगा ने किया है, जो 'मसान' और 'द लंचबॉक्स' जैसी फ़िल्मों को बनाने के लिए जाने जाते हैं.

विजेताओं की पूरी सूची:

बेस्ट पिक्चर:  ग्रीनबुक

प्रमुख भूमिका में अभिनेता: रामी मालेक, बोहेमियन रैप्सोडी

प्रमुख भूमिका में अभिनेत्री: ओलिविया कॉलमैन, द फेवरेट

डायरेक्टिंग: अल्फांसो क्वारोन, रोमा

बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस: रेजिना किंग (If Beale Street Could Talk)

बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर: फ्री सोलो

मेकअप एंडहेयरस्टाइल: वाईस

कॉस्टयूम डिजाइन: ब्लैक पैंथर

प्रोडक्शन डिजाइन: ब्लैक पैंथर

सिनेमेटोग्राफी: रोमा

साउंड एडिटिंग: बोहेमियन रैपसोडी

साउंड मिक्सिंग: बोहेमियन रैपसोडी

विदेशी भाषा फिल्म: रोमा

फिल्मएडिटिंग: बोहेमिया रैपसोडी

सपोर्टिंग एक्टर: माहेरशला अली, ग्रीन बुक

 एनिमेटेड फीचर फिल्म: स्पाइडर मैन  (Spider-Man: Into The Spider-Verse)

 एनिमेटेड शॉर्ट फिल्म: बाओ

डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट: पीरियड एंड ऑफ सेन्टेंस.

 विजुअल इफेक्ट: फर्स्ट मैन

लाइव-एक्शन-शोर्ट फिल्म:  स्किन

ओरिजिनल स्क्रीनप्लेय: ग्रीन बुक

एडाप्टेड स्क्रीनप्लेय: ब्लैकक्लंस्मन

ओरिजिनल स्कोर: Bब्लैक पैंथर 

ओरिजिनल सोंग:"शाल्लो," ए स्टार ईज बोर्न

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लेडी गागा को पहली बार ऑस्कर अवॉर्ड

लेडी गागा को फिल्म ‘ए स्टार इस बॉर्न’ (A Star is Born) के लिए ऑस्कर अवॉर्ड-2019 मिला और ये गायिका स्टेज पर रोने लगी. बतौर अभिनेत्री लेडी गागा ने पहली बार ऑस्कर में शिरकत की थी.

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फिल्म 'पीरियड. एंड ऑफ सेंटेस' को बेस्ट डॉक्युमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट का अवॉर्ड मिला

भारतीय पृष्ठभूमि पर बनीं फिल्म 'पीरियड. एंड ऑफ सेंटेस' को भी बेस्ट डॉक्युमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट का अवॉर्ड मिला है. इसमें पीरियड्स के मुद्दे को उठाया गया है. इस फिल्म को रयाक्ता जहताबची और मैलिसा बर्टन ने निर्देशित किया है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का शुभारंभ किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना का शुभारंभ किया गया. लघु एवं सीमांत कृषकों की आय बढ़ाए जाने एवं उनके सुनहरे भविष्य के लिए इस योजना को भारत सरकार ने पूरे देश में लागू किया है. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना का शुभारंभ किया है. इस दौरान उन्होंने बटन दबाकर एक करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में 2,000 रुपये की पहली किस्त भेजी. इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री ने, प्रधानमंत्री-किसान योजना के तहत चुने हुए किसानों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किये.

विदित हो कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) की घोषणा 1 फरवरी, 2019 को अंतरिम बजट 2019-20 को की गई थी. इस योजना के तहत 2 हेक्टेयर तक की संयुक्त जोत/ स्वामित्व वाले छोटे एवं सीमान्त कृषक परिवारों को प्रतिवर्ष 6000 रुपए दिए जाएंगे.

पीएम-किसान योजना के मुख्य बिंदु
•    बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने घोषणा की थी कि इसमें छोटे और सीमांत किसानों के लिये 6,000 रुपए की आय समर्थन राशि दी जाएगी.

•    यह राशि 2000 रुपए प्रत्येक की तीन किस्तों में दी जाएगी। 

•    यह राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के जरिए सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में अंतरित की जाएगी. डीबीटी पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा और किसानों का समय बचाएगा.

•    यह योजना छोटे एवं सीमान्त किसानों (एसएमएफ) की आय में संवर्धन के लिए लागू की गई थी. इससे 12 करोड़ छोटे एवं सीमान्त किसानों को लाभ पहुंचने का अनुमान है.

•    प्रधानमंत्री-किसान योजना भारत सरकार से 100 प्रतिशत वित्त पोषण प्राप्त एक केन्द्रीय क्षेत्र की योजना है. योग्य लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए अंतरण हेतु यह योजना 01.12.2018 से प्रभावी हो गई है.

•    राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों (केंद्र शासित प्रदेशों) में मौजूदा भूमि-स्वामित्व प्रणाली का उपयोग लाभार्थियों की पहचान के लिए किया जाएगा. 01 फरवरी 2019 तक जिनके भी नाम भूमि रिकॉर्ड में होंगे उन्हें इस योजना का लाभ लेने के पात्र माना जाएगा.

उद्देश्य
प्रधानमंत्री-किसान   योजना का उद्देश्य प्रत्येक फसल चक्र की समाप्ति पर अनुमानित कृषि आय के अनुरूप   उचित फसल स्वास्थ्य एवं उपयुक्त उपज सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न निविष्टियों   को प्राप्त करने में एसएमएफ की वित्तीय आवश्यकताओं में सहायता प्रदान करना है.   यह उन्हें ऐसे व्ययों की पूर्ति के लिए सूदखोरों के चंगुल में फंसने से बचाएगा   तथा कृषि कार्यकलापों में उनकी नियमितता भी सुनिश्चित करेगा.

किसे नहीं मिलेगा लाभ?
•    यदि किसी किसान परिवार के एक या अधिक सदस्य निम्न श्रेणियों, किसी संस्थागत पद पर पूर्व में या वर्तमान में कार्यरत, मौजूदा या पूर्व मंत्री, राज्य मंत्री, लोकसभा-राज्यसभा, विधानसभा या विधान परिषद के पूर्व या मौजूदा सदस्य, नगर निगमों के पूर्व या मौजूदा मेयर और जिला पंचायतों के मौजूदा या पूर्व चेयरपर्सन में आते हैं तो उनको भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.

•    केंद्र और राज्य सरकारों के मौजूदा या सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अलावा स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारियों (इसमें मल्टी टास्किंग कम्रचारी-श्रेणी चार-समूह डी के कर्मचारी शामिल नहीं हैं) को भी इस योजना का फायदा नहीं मिल सकेगा.

•    ऐसे सभी सेवानिवृत्त कर्मचारी या पेंशनभोगी जिनकी मासिक पेंशन 10,000 रुपए या उससे अधिक है, को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक समर्पित किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 फरवरी 2019 को एक औपचारिक समारोह के दौरान राष्ट्र को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक समर्पित किया. इस अवसर पर उन्होंने पूर्व सैनिकों को भी संबोधित किया. नई दिल्ली में इंडिया गेट के पास राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, उन जवानों के लिए एक श्रद्धांजलि है, जिन्होंने आजादी के बाद देश की रक्षा के लिए अपना जीवन का बलिदान दिया.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014  में, एक अत्याधुनिक विश्व स्तरीय स्मारक के रूप में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का अपना विज़न प्रस्तुत किया था. इंडिया गेट के पास 40 एकड़ में बने इस युद्ध स्मारक की लागत 176 करोड़ रुपये आई है और यह रिकार्ड एक साल में बनकर पूरा हुआ है.

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक  की विशेषताएं
•    आज़ादी के बाद युद्धों और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान विभिन्न संकट की घड़ियों में जान देने वाले 26,000 सैनिकों के सम्मान में इंडिया गेट के ठीक सामने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) बनाया गया है.

•    इसे 1947-48, 1961 में गोवा मुक्ति आंदोलन, 1962 में चीन से युद्ध, 1965 में पाक से जंग, 1971 में बांग्लादेश निर्माण, 1987 में सियाचिन, 1987-88 में श्रीलंका और 1999 में कारगिल में शहीद वाले सैनिकों के सम्मान में बनाया गया है.

•    इस मेमोरियल में थल सेना, वायुसेना और नौसेना के जवानों को एक साथ श्रद्धांजलि दी गई है. उन सभी वीर सैनिकों के नाम स्मारक में दर्ज हैं.

•    इसमें चार वृत्ताकार परिसर होंगे और एक ऊंचा स्मृति स्तंभ भी होगा, जिसके नीचे अखंड ज्योति जलती रहेगी. चारों वृत्तों के नाम अमर चक्र, वीरता चक्र, त्याग चक्र व रक्षक चक्र होंगे.

•    इसकी 16 दीवारों पर 25,942 योद्धाओं का जिक्र किया गया है. ग्रेनाइट पत्थरों पर योद्धाओं के नाम, रैंक व रेजिमेंट का उल्लेख किया गया है.

•    मुख्य संरचना को चार चक्रों के रूप में बनाया गया है, जिनमें से प्रत्येक सशस्त्र बलों के विभिन्न मूल्यों को दर्शाता है. इसे चक्रव्यूह की संरचना से प्रेरणा लेते हुए बनाया गया है.

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राशिद खान 4 गेंदों में 4 विकेट लेने वाले अंतर्राष्ट्रीय टी-20 में दूसरे गेंदबाज़ बने

आयरलैंड के खिलाफ खेले गये मैच में राशिद खान 4 गेंदों में 4 विकेट लेने वाले अंतर्राष्ट्रीय टी-20 इतिहास में पहले और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में केवल दूसरे गेंदबाज़ बन गए हैं.

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जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड को फिक्की सीएसआर अवार्ड से सम्मानित किया

जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड को हाल ही महिला सशक्तिकरण के लिए फिक्की सीएसआर अवार्ड से सम्मानित किया गया है.

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गुजरात ने सुजलाम सुफलाम जल संचय अभियान के दूसरे संस्करण को लांच किया

गुजरात ने सुजलाम सुफलाम जल संचय अभियान के दूसरे संस्करण को लांच किया, इस योजना का उद्देश्य जल संचय को बढ़ावा देना है. इस योजना के तहत मानसून से पहले जल भण्डारण स्थलों को गहरा किया जायेगा, जिससे वे अधिक मात्र में जल को भंडारित कर सकें.

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपोलेमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हाल ही में लखनऊ में अपोलेमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन किया. राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि अपोलेमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल राज्य तथा क्षेत्र के लोगों को उचित मूल्य पर अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगा.

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भारत और पाकिस्तान के बीच सिन्धु जल संधि:-

भारत में वर्तमान स्थिति....
केंद्र सरकार ने 21 फरवरी 2019 को सिंधु जल समझौते के बावजूद अब तक पाक को दिए जा रहे ब्यास, रावी और सतलुज नदी के पानी को रोकने का फैसला किया है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि इन तीनों नदियों पर बने प्रॉजेक्ट्स की मदद से पाकिस्तान को दिए जा रहे पानी को अब पंजाब और जम्मू-कश्मीर की नदियों में प्रवाहित किया जाएगा.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि रावी, ब्यास और सतलुज नदी का भारत के हिस्से का पानी पाकिस्तान ना जाए इसलिए कैबिनेट ने तीन बांध बनाने की मंज़ूरी दी है. यह फैसला जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए विनाशकारी आतंकी हमले की प्रतिक्रिया के रूप में आया, जिसमें 44 से अधिक भारतीय जवान शहीद हो गए.

सिंधु बेसिन प्रणाली:
सिधुं प्रणाली में मुख्‍यत सिधुं, झेलम, चेनाब,रावी, ब्‍यास और सतलुज नदियां शामिल हैं. इन नदियों के बहाव वाले क्षेत्र (बेसिन) को मुख्‍यत भारत और पाकिस्‍तान साझा करते हैं. इसका एक बहुत छोटा हिस्‍सा चीन और अफगानिस्‍तान को भी मिला हुआ है. भारत और पाकिस्‍तान के बीच 1960 में हुई सिंधु नदी जल संधि के तहत सिंधु नदी की सहायक नदियों को पूर्वी और पश्चिमी नदियों में विभाजित किया गया.

सतलज, ब्यास और रावी नदियों को पूर्वी नदी बताया गया जबकि झेलम, चेनाब और सिंधु को पश्चिमी नदी बताया गया. रावी, सतलुज और ब्‍यास जैसी पूर्वी नदियों का औसत 33 मिलियन (एमएएफ) पूरी तरह इस्तेमाल के लिए भारत को दे दिया गया. इसके साथ ही पश्चिम नदियों सिंधु, झेलम और चेनाव नदियों का करीब 135 एमएएफ पाकिस्तान को दिया गया.

सिंधु जल संधि के बारे में:
सिंधु जल संधि, सिंधु एवं इसके सहायक नदियों के जल के अधिकतम   उपयोग के लिए भारत सरकार और पाकिस्तान सरकार के बीच की गई संधि है. भारत और   पाकिस्तान के बीच वर्ष 1960 में सिंधु जल   संधि हुई थी. विश्व बैंक की मध्यस्थता के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर   लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान ने इस पर हस्ताक्षर किए थे. संधि   के तहत 6 नदियों के पानी का   बंटवारा तय हुआ, जो भारत से   पाकिस्तान जाती हैं. इस समझौते के प्रावधानों के अनुसार दोनों पक्षों को   प्रत्येक तीन महीने में नदी के प्रवाह से संबंधित जानकारी और हर साल कृषि उपयोग   से संबंधित जानकारी का आदान प्रदान करना आवश्यक हैं.इस संधि के तहत भारत और   पाकिस्तान दोनों देशों ने सिंधु जल आयुक्त के रूप में एक स्थायी पद का गठन किया   है। इसके अलावा दोनों देशों ने एक स्थायी सिंधु आयोग (पीआईसी) का गठन किया है जो   संधि के कार्यान्वयन के लिए नीतियां बनाता हैं.

सिंधु जल संधि के तहत चल रही परियोजनाएँ:
जल संधि के तहत जिन पूर्वी नदियों के पानी के इस्तेमाल का अधिकार भारत को मिला था उसका उपयोग करते हुए भारत ने सतलुज पर भांखड़ा बांध, ब्यास नदी पर पोंग और पंदु बांध और रावी नदी पर रंजित सागर बांध का निर्माण किया.

इसके अलावा भारत ने इन नदियों के पानी के बेहतर इस्तेमाल के लिए ब्यास-सतलुज लिंक, इंदिरा गांधी नहर और माधोपुर-ब्यास लिंक जैसी अन्य परियोजनाएं भी बनाई. इससे भारत को पूर्वी नदियों का करीब 95 प्रतिशत पानी का इस्तेमाल करने में मदद मिली. हालांकि इसके बावजूद रावी नदी का करीब 2 एमएएफ पानी हर साल बिना इस्तेमाल के पाकिस्तान की ओर चला जाता है.

इस पानी के प्रवाह को रोकने के लिए निम्नलिखित कदम उठाएं गए हैः

शाहपुरखांडी परियोजना का निर्माण कार्य फिर से शुरू करनाः
•   इस परियोजना से थेन बांध के पावर हाउस से निकलने वाले पानी का इस्तेमाल जम्मू कश्मीर और पंजाब में 37000 हेक्टर भूमि की सिंचाई तथा 206 मेगावाट बिजली के उत्पादन के लिए किया जा सकेगा.

•   यह परियोजना सितंबर 2016 में ही पूरी हो जानी थी लेकिन जम्मू कश्मीर और पंजाब के बीच विवाद हो जाने के कारण 30 अगस्त 2014 से ही इसका काम रूका पड़ा है. दोनों राज्यों के बीच आखिरकार इसे लेकर 8 सितंबर 2018 को समझौता हो गया.

•   परियोजना के निर्माण पर कुल 2715.7 करोड़ रुपये की लागत आएगी. भारत सरकार ने 19 दिसंबर 2018 को जारी आदेश के तहत परियोजना के लिए 485.38 करोड़ रुपये की केंद्रीय मदद मंजूर की है.

•   यह राशि परियोजना के सिंचाई वाले हिस्से के लिए होगी. केंद्र सरकार की देखरेख में पंजाब सरकार ने परियोजना का काम फिर से शुरू कर दिया है.

उझ बहुउद्देश्यीय परियोजना:
•   5850 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से उझ नदी पर 781 मिलियन सीयू एम जल का भंडारण किया जा सकेगा जिसका इस्तेमाल सिंचाई और बिजली बनाने में होगा.

•   इस पानी से जम्मू कश्मीर के कठुआ, हिरानगर और सांभा जिलें में 31 हजार 380 हेक्टर भूमि की सिंचाई की जा सकेगी और उन्हें पीने के पानी की आपूर्ति हो सकेगी.

•   परियोजना के डीपीआर को तकनीकी मंजूरी जुलाई 2017 में ही दी जा जुकी है. यह एक राष्ट्रीय परियोजना है जिसे केंद्र की ओर से 4892.47 करोड़ रुपये की मदद दी जा रही है.

•   ये मदद परियोजना के सिंचाई से जुड़े हिस्से के लिए होगी. इसके अलावा परियोजना के लिए विशेष मदद पर भी विचार किया जा रहा है.

उझ के नीचे दूसरी रावी ब्यास लिंक परियोजना:
•   इस परियोजना का उद्देश्य थेन बांध के निर्माण के बावजूद रावी से पाकिस्तान की ओर जाने वाले अतिरिक्त पानी को रोकना है.

•   इसके लिए रावी  नदी पर एक बराज बनाया जाएगा और ब्यास बेसिन से जुड़े एक टनल के जरिए नदी के पानी के बहाव को दूसरी ओर मोड़ा जाएगा.

उपरोक्त तीनों परियोजनाएं भारत को सिंधु जल संधि, 1960 के तहत मिले पानी के हिस्से का पूरा इस्तेमाल कर सकेगा.

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