25 Mar, 2019

भारत खुशहाल देशों की सूची में 140वें पायदान पर

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की 'विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट 2019' के मुताबिक, भारत खुशहाल देशों की सूची में पिछले साल के मुकाबले 7 स्थान नीचे गिरकर 140वें पायदान पर पहुंच गया है.

इस सूची में 156 देशों को शामिल किया गया है जिसमें फिनलैंड लगातार दूसरी बार शीर्ष पर है. प्रसन्नता रिपोर्ट सामान्यतः प्रति व्यक्ति आय, जीडीपी, स्वास्थ्य, सामाजिक सहयोग, आपसी विश्वास,  जीवन संबंधी निर्णय लेने की स्वतंत्रता और उदारता जैसे संकेतकों पर तैयार की जाती है. हर साल स्थितियां विश्व स्तर पर बदल जाती हैं.

इससे संबंधित मुख्य तथ्य:
इस रिपोर्ट में लगातार दूसरी बार फ़िनलैंड को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है.

फ़िनलैंड के बाद डेनमार्क, नॉर्वे, आइसलैंड तथा नीदरलैंड को स्थान प्राप्त हुआ है.

इस रिपोर्ट में यूनाइटेड किंगडम को 15वां स्थान (पिछली बार 18 वां स्थान), जर्मनी को 17वां (पिछली बार 17वां स्थान) और अमेरिका को 19वां स्थान (पिछली बार 18वां स्थान) प्राप्त हुआ है.

इस रिपोर्ट में जापान 58वें स्थान (पिछले वर्ष 54वां स्थान), रूस 68वें स्थान (पिछले वर्ष 59वां स्थान) और चीन को 93वां स्थान (पिछले वर्ष 86वां स्थान) प्राप्त हुआ है.

भारत की रैंकिंग:
भारत की रैंकिंग में भी इस बार गिरावट हुई है, पिछले वर्ष भारत को 133वां स्थान प्राप्त हुआ था, इस वर्ष भारत को 140वां स्थान प्राप्त हुआ है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व भर में उदासी, चिंता तथा गुस्से जैसी नकारात्मक भावनाओं में वृद्धि हुई है. पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले विश्व की औसत प्रसन्नता दर में भारी कमी आई है.

पृष्ठभूमि:

भूटान से ही प्रसन्नता को मापने की अवधारणा शुरू हुई थी. भूटान के प्रस्ताव पर सतत विकास समाधान नेटवर्क ने संयुक्त राष्ट्र संघ हेतु साल 2012 में पहली विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट जारी की थी और 20 मार्च को विश्व प्रसन्नता दिवस घोषित किया था. पहली रिपोर्ट में भारत का स्थान 111वां था और डेनमार्क पहले स्थान पर था.

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अमेरिकी का पहला 'एक्सास्केल सुपरकंप्यूटर' 2021 तक बनकर तैयार हो जाएगा

अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने बताया है कि देश का पहला 'एक्सास्केल सुपरकंप्यूटर' 2021 तक बनकर तैयार हो जाएगा जो प्रति सेकेंड अरबों गणनाएं करने में सक्षम होगा.

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भारतीय पनडुब्बी के दिग्गज कमांडर कैप्टन मोहन नारायण राव सामंत का निधन

भारतीय नौसेना ने बताया है कि 1971 के बांग्लादेश युद्ध के समय भारतीय पनडुब्बी के दिग्गज कमांडर रहे कैप्टन मोहन नारायण राव सामंत का दिल का दौरा पड़ने से 20 मार्च 2019 को 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया.

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अफगानिस्तान में दूसरी बार राष्ट्रपति चुनाव टाला गया

युद्धग्रस्त देश अफगानिस्तान में दूसरी बार राष्ट्रपति चुनाव टाल दिया गया है और अब यह 28 सितंबर को होगा. इस चुनाव के साथ प्रांत और ज़िला काउंसिल चुनाव भी होंगे.

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न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने असॉल्ट राइफलों और सेमी-ऑटोमैटिक बंदूकों की बिक्री पर प्रतिबंध की घोषणा की

न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने क्राइस्टचर्च में मस्जिदों पर हुए आतंकी हमले के एक हफ्ते बाद देशभर में असॉल्ट राइफलों और सेमी-ऑटोमैटिक बंदूकों की बिक्री पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध की घोषणा की.

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भारत ने अबु धाबी में जारी स्पेशल ओलंपिक्स वर्ल्ड गेम्स में कुल 233 पदक जीते

भारत ने अबु धाबी (संयुक्त अरब अमीरात) में जारी स्पेशल ओलंपिक्स वर्ल्ड गेम्स में 19 मार्च 2019 तक कुल 233 पदक जीत लिए जिनमें 60 स्वर्ण, 83 रजत और 90 कांस्य पदक शामिल हैं.

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पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के आरोपी नीरव मोदी लंदन में गिरफ्तार

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के आरोपी नीरव मोदी को लंदन में गिरफ्तार किया गया है. ब्रिटेन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने 18 मार्च को ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध पर नीरव मोदी के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया था.

नीरव मोदी पर आरोप है कि उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक को धोखा देकर 13,600 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था. केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पीएनबी घोटाले के संबंध में नीरव मोदी, मेहुल चोकसी तथा अन्य के खिलाफ जांच कर रही है.

पीएनबी द्वारा किया गया खुलासा:
पीएनबी द्वारा किये गये खुलासे में देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले के बारे में जानकारी सामने आई है. मीडिया में प्रकाशित जानकारी के अनुसार यह घोटाला करीब 11500 करोड़ रुपये का है. पीएनबी ने शेयर बाज़ार को मुंबई स्थित शाखा में घोटाले की जनाकारी दी है.

पीएनबी घोटाले में हीरा कारोबारी नीरव मोदी का नाम लिया जा रहा था. पीएनबी ने यह घोटाला सामने आने के बाद अपने 10 अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. पीएनबी ने बताया कि कुछ खाताधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए इतनी बड़ी रकम का लेन-देन किया गया था. इस लेन-देन के आधार पर ग्राहकों को दूसरे बैंकों ने विदेशों में क़र्ज़ दिए हैं.

कैसे हुआ घोटाला?

पीएनबी ने सीबीआई के पास एलओयू से सम्बंधित 280.7 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े की एफआईआर कराई थी. उस समय पीएनबी के अधिकारियों ने कहा था कि वे अभी इस घोटाले के स्तर की जांच कर रहे हैं.

पीएनबी ने अपनी शिकायत में कहा कि डायमंड्स आर अस, सोलर एक्सपोर्ट्स एवं स्टेलर डायमंड्स नामक तीन हीरा कम्पनियां 16 जनवरी को उनके पास आईं और उनसे क्रेडिट के लिए अनुरोध किया.

पीएनबी ने खरीदार ऋण को बढ़ाने के लिए ऋणदाताओं को पैसा जारी करने हेतु 100 प्रतिशत नकदी मार्जिन की मांग की थी. नीरव मोदी उनके भाई निशाल, पत्नी एमी और मेहुल चीनूभाई चौकसी इन कम्पनियों में भागीदार हैं. इनके न्यूयॉर्क, हॉगकॉग तथा लंदन में हीरे के आभूषणों के शोरूम हैं.

एलओयू क्या है?
यह घोटाला लेटर ऑफ़ अंडरटेकिंग (एलओयू) पर ही आधारित है. यह पत्र एक तरह की गारंटी होती है जिसके आधार पर दूसरे बैंक खातेदार को रकम उपलब्ध करा देते हैं. ऐसे में यदि खातेदार पैसे जमा नहीं कराता है या पैसा लेकर भाग जाता है तो एलओयू जारी करने वाले बैंक की जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को भुगतान करे.

नीरव मोदी के बारे में:
नीरव मोदी डायमंड कैपिटल के रूप में प्रसिद्ध बेल्जियम के एंटवर्प शहर की विख्यात डायमंड ब्रोकर कंपनी के परिवार से संबंधित हैं.

नीरव मोदी के विश्व भर के अहम शहरों में ज्वेलरी शोरूम हैं. इनमें दिल्ली मुंबई, न्यूयॉर्क, हॉगकॉग, लंदन, मकाउ आदि शामिल हैं. उनके सबसे चर्चित डिजायन एंडलेस कट, जैस्मीन कट, ऐनरा कट और मुगल कट विशेष लोकप्रिय हैं.

नीरव मोदी द्वारा डिजायन किए गए आभूषण की कीमत 5 लाख रुपये से लेकर 50 करोड़ रुपये तक है, जिसे तमाम दिग्गज हस्तियां पहनती हैं.

नीरव मोदी का नाम फोर्ब्स की सबसे अमीर लोगों की सूची में भी आ चुका है. वर्ष 2017 की सूची में वे 57वें नंबर पर थे. उनकी कुल संपत्ति 1.73 अरब डॉलर यानि 110 अरब रुपये है, जबकि उनकी कंपनी का राजस्व 149 अरब रुपये बताई जाती है.

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टी-सीरीज़ अपने प्रतिद्वंद्वी प्यूडिपाई को पछाड़कर सर्वाधिक सब्सक्राइबर वाला यूट्यूब चैनल बना

टी-सीरीज़ अपने प्रतिद्वंद्वी प्यूडिपाई को पछाड़कर सर्वाधिक सब्सक्राइबर वाला यूट्यूब चैनल बन गया है. यूट्यूब पर प्यूडिपाई और टी-सीरीज़ दोनों के ही 9.02 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं.

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21 मार्च को अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के रूप में मनाया

संयुक्त राष्ट्र ने 21 मार्च 2019 को अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के रूप में मनाया. यह दिवस पर्यावरणीय स्थिरता और खाद्य सुरक्षा में वनों के महत्व और महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष 21 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस मनाया जाता है.
विश्व वन दिवस का मुख्य उद्देश्य वन संरक्षण के प्रति‍ जागरूकता बढ़ाना तथा वर्तमान और भावी पीढ़ि‍यों के लाभ के लि‍ए सभी तरह के वनों के टि‍काऊ प्रबंध, संरक्षण और टि‍काऊ वि‍कास को सुदृढ़ बनाना है.

इसका लक्ष्य लोगों को यह अवसर उपलब्ध कराना भी है कि‍ वनों का प्रबंध कैसे कि‍या जाए तथा अनेक उद्देश्यों के लि‍ए टि‍काऊ रूप से उनका कैसे सदुपयोग कि‍या जाए.

अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस का विषय

वर्ष 2019 के अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस का विषय ‘वन और शिक्षा' (Forest and Education)है. इस विषय के जरिए लोगों को जंगलों की एहमियत और इसके प्रति   शिक्षित करने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि   आधुनिकीकरण और औद्योगिकीकरण के कारण पेड़ों की निरंतर कटाई की जा रही है. एक   रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2016 में कुल 7.3 करोड़ एकड़ वन   क्षेत्रों का सफाया हुआ है.  

पेड़-पौधों की दुर्लभ प्रजातियां विलुप्त:

विश्व भर में तेजी से हो रही जंगलों की सफाई के कारण पेड़-पौधों की दुर्लभ प्रजातियां और जीव-जंतुओं की दुर्लभ प्रजातियां तेजी से विलुप्त हो रही हैं. इसके अतिरिक्त पेड़ों की निरंतर घटती संख्या से एक ओर जहां ग्लोबल वार्मिंग की समस्या तेजी से बढ़ रही है तो वहीं पर्यावरण और प्रकृति का संतुलन भी बिगड़ रहा है.

नदियां गर्मियों में सूखने लगी हैं और बारिश में कई जगहों पर बाढ़ की नौबत आ जाती है. कभी बेमौसम बारिश तो कभी भीषण अकाल का सामना करना पड़ रहा है. पेड़ों के कम होने और उद्योगों के बढ़ने के चलते प्रदुषण का स्तर कंट्रोल से बाहर हो रहा है.

पृष्ठभूमि:
•    संयुक्त राष्ट्र महासभा 21 दिसंबर 2012 को वनों और जंगलों के पेड़ के सभी प्रकार के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 21 मार्च को वैश्विक उत्सव के रूप में मनाया गया.
•    हर साल अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस जो जंगलों और पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए मनाया जाता है.
•    धरती का एक तिहाई भू भाग (विश्व का करीब 31 प्रतिशत भू भाग) वनों से आच्छादित है, जो दुनिया के चारों ओर महत्वपूर्ण कार्य करता है. ये वन क्षेत्र 80 प्रतिशत से ज्यादा पशुओं की प्रजाति, पौधों और कीटों के लिए एक घर है.
•    लगभग 1.6 बिलियन लोग, जिसमें लगभग 2000 सभ्यताएं शामिल हैं, वे अपने जीवन के लिए वनों पर निर्भर हैं. वन क्षेत्र आश्रय, रोजगार और इन पर निर्भर रहने वाले समुदायों को सुरक्षा प्रदान करते हैं.

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22 मार्च को विश्व जल दिवस दुनिया भर में मनाया गया

विश्व जल दिवस 22 मार्च 2019 को दुनिया भर में मनाया गया. इसका उद्देश्य विश्व के सभी विकसित देशों में स्वच्छ एवं सुरक्षित जल की उपलब्धता सुनिश्चित करवाना है. यह जल संरक्षण के महत्व पर भी ध्यान केंद्रित करता है.

आम लोगो के मध्य पानी की महत्वता एवं संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने हेतु प्रति वर्ष विश्व जल दिवस का आयोजन किया जाता है. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच में जल संरक्षण का महत्व साफ पीने योग्य जल का महत्व आदि बताना है.


विश्व जल दिवस का विषय


वर्ष 2019 के विश्व जल दिवस का विषय ‘किसी को पीछे नहीं   छोड़ना’ (Leaving no one behind) है. इस विषय के जरिए यह संदेश दिया जा रहा है   कि साफ और स्वच्छ जल सभी का अधिकार है, इससे कोई भी   वंचित नहीं रहना चाहिए. प्रत्येक वर्ष विश्व जल दिवस मनाने के लिए एक अलग विषय   तय किया जाता है.


विश्व जल दिवस के बारे में:

स्वच्छ जल के महत्व के प्रति ध्यानाकर्षण और स्वच्छ जल के स्रोतों के सतत प्रबंधन की हिमायत करने हेतु हर वर्ष 22 मार्च को संयुक्त राष्ट्र विश्व जल दिवस मनाता है.

साल 1992 में पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन (यूएनसीईडी) में स्वच्छ जल पर अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाने की सिफारिश की गई थी.

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यूएनसीईडी की सिफारिश को स्वीकर किया और पहला विश्व जल दिवस 22 मार्च 1993 को मनाया गया.

पृथ्वी पर जल:

पृथ्वी का लगभग 71 प्रतिशत भाग जल से घिरा हुआ है, जबकि 29 प्रतिशत भाग पर स्थल है जहां मनुष्य और दूसरे प्राणी रहते हैं. पृथ्वी की सतह में सबसे ज्यादा पानी समुद्र में फैला हुआ है. पृथ्वी पर कुल पानी का लगभग 97 प्रतिशत पानी समुद्र में पाया जाता है, लेकिन खारा होने के वजह इस पानी को पीने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.

हालांकि पृथ्वी पर तीन प्रतिशत हिस्से में मौजूद पानी पीने के लायक है जो नदी, तालाबों और ग्लेशियर में पाया जाता है. हालांकि, इस तीन प्रतिशत पानी में भी 2.4 प्रतिशत हिस्सा ग्लेशियर, दक्षिणी ध्रुव पर जमा है, जबकि बचा हुआ 0.6 प्रतिशत पानी नदी, तालाबों, झीलों और कुओं में मौजूद है.

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