15 Jun, 2019

बैडमिंटन के महान खिलाड़ी ली चोंग वेई ने लिया संन्यास

मलेशिया के ली चोंग वेई ने 19 साल बैडमिंटन खेलने के बाद गुरुवार को संन्यास का ऐलान कर दिया। 36 साल के ली चोंग वेई 348 हफ्ते तक वर्ल्ड नंबर-1 रहे। इनमें से 199 हफ्ते तो वे लगातार नंबर वन रैंकिंग पर काबिज रहे. ली चोंग को पिछले वर्ष नाक में कैंसर हो गया था। ली चोंग ने संवाददाता सम्मेलन में भावुक होकर संन्यास लेने की घोषणा करते हुए कहा, “मैं 19 वर्ष के अपने करियर को आज समाप्त कर रहा हूं और इस खेल से संन्यास लेने की घोषणा करता हूं।
करियर में 69 टाइटल जीते
ली चोंग मलेशिया के सबसे सफल ओलिंपियन और बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। उन्होंने ओलिंपिक में 3 सिल्वर, वर्ल्ड चैंपियनशिप में 3 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज जीता। ली चोंग वेई ने करिअर में 705 मैच और 69 टाइटल जीते। उन्होंने 5 कॉमनवेल्थ गोल्ड, 4 ऑल इंग्लैंड टाइटल और रिकॉर्ड 47 सुपर सीरीज खिताब जीते।

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अंतर्राष्ट्रीय अल्बिनिज्म जागरूकता दिवस : 13 जून

प्रतिवर्ष 13 जून को अंतर्राष्ट्रीय अल्बिनिज्म जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य अल्बिनिज्म से प्रभावित लोगों के विरुद्ध होने वाले हमलों तथा भेदभाव के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। एल्बिनिज्म एक दुर्लभ और गैर संक्रामक, अनुवांशिक रूप से जन्म के समय मौजूद रहने वाला विकार है। इस बीमारी में पीड़ित व्यक्ति अधिकतर द्दष्टहीन होते हैं और इन्हें त्वचा कैंसर होने का भी खतरा होता है। ऐल्बिनिज़म, वंशानुगत तरीके से रिसेसिव जीन एलील्स को प्राप्त करने के परिणामस्वरूप होता है और यह मानव सहित सभी रीढ़धारियों को प्रभावित करता है। ऐल्बिनिज़म से प्रभावित जीवधारियों के लिए सबसे आमतौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द "रजकहीन जीव (एल्बिनो) " है। ऐल्बिनिज़म कई दृष्टि दोषों के साथ जुड़ा हुआ है, जैसे फोटोफोबिया (प्रकाश की असहनीयता), और ऐस्टिगमैटिज्म (साफ दिखाई न देना) त्वचा रंजकता के अभाव में जीवधारियों में धूप से झुलसने और त्वचा कैंसर होने का खतरा अधिक होता है। इसका कोई उपचार नहीं है।  इस रोग से सिर्फ इंसान ही प्रभावित नहीं होते हैं, बल्कि जानवरों और पौधों में भी यह रोग होता है।
इसके लक्ष
त्वचा, बाल सफदे होता है। आंखों का रंग हल्का नीला, पीला या ग्रे होता है।
दूर दृष्टि दोष, निकट दृष्टि दोष (मायोपिया)
तेज रोशनी के प्रति अतिसंवेदनशीलता यानी फोटोफोबिया
मोनोक्युलर विजन यानी एक आंख से देखना आदि कुछ मुख्य लक्षण होते हैं।
कैसे करें बचाव
इसे रोका नहीं जा सकता है, क्योंकि यह एक अनुवांशिक विकार है। धूप में निकलें तो सनस्क्रीन का यूज करें। बड़ी सी टोपी पहनें। जितना हो सके त्वचा को धूप में बचाए रखने की कोशिश करें, ताकि आपको सनबर्न और स्किन कैंसर की समस्या ना हो। धूप व यूवी किरणों से बचाने वाले कपड़े पहनें।

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अंग्रेजी के प्रतिष्ठित साहित्यकार अमिताव घोष को वर्ष 2018 के लिए 54वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया

अंग्रेजी के लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार अमिताव घोष को वर्ष 2018 के लिए 54वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया। नपीठ पुरस्कार से सम्मानित होने वाले वह अंग्रेज़ी के पहले लेखक हैं। इतिहास और कल्पना के घोल से जो रसायन वह तैयार करते हैं, जितनी गहराई से अपने विषय पर शोध करते हैं और उसे जिस बारीक़ी से रचना में बदलते हैं, वह आपको बिल्कुल हैरान छोड़ जाता है। भाषा, पर्यावरण, राजनीति- जैसे जीवन का कोई पहलू उनसे छूटता नहीं। 'सी ऑफ़ पॉपीज़़' में वे इस बात की ओर ध्यान खींचते हैं कि कैसे भारत में अंग्रेजी साम्राज्यवाद ने यहां की खेती बरबाद की, आम फ़सलों की जगह अफीम उगाने को मजबूर किया और पूरे उत्तर भारत के सामाजिक-आर्थिक तंत्र को झकझोर दिया। 11 जुलाई 1956 को कोलकाता में जन्मे अमिताव घोष दिल्ली के सेंट स्टीफेन काॅलेज और 'दिल्ली स्कूल ऑफ इकनामिक्स' से उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद अपने पहले उपन्यास 'द सर्किल ऑफ रीजन' से चर्चा में आये और धीरे -धीरे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अंग्रेजी के लेखक के रूप में  मशहूर हो गये।
अमिताव घोष की 'दी सर्किल ऑफ़ रीज़न', 'इन एन एंटीक लैंड', 'दी कलकत्ता क्रोमोजोम', 'दी शैडो लाइन्स', 'डांसिंग इन कंबोडिया', 'दी ग्लास पैलेस', 'दी हंग्री टाइड' और इबिस ट्राइलॉजी : सी ऑफ़ पॉपिस एवं रिवर ऑफ़ स्मोक जैसी पुस्तकें चर्चित रही हैं। श्री घोष को उनके उपन्यास 'शैडो लाइन्स' के लिए 1989 में 'साहित्य अकादमी पुरस्कार' भी मिल चुका है। इसके अलावा 'पद्म श्री' से भी नवाजे जा चुके हैं।' दी सर्किल ऑफ़ रीज़न' को 1990 में 'फ्रांस प्रिक्स मेडिसिस अवार्ड' भी मिल चुका है।

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रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुग्राम में भारतीय नौसेना के IFC-IOR का उद्घाटन किया

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुग्राम में भारतीय नौसेना के सूचना समेकन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) का उद्घाटन किया। इसका मकसद सहयोगी देशों और बहुराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ नौवहन जागरुकता और सूचना साझा करने के लिए परस्पर सहयोग करना है। खासकर वाणिज्यिक मालवाहक जहाजों के बारे में सूचनाओं को साझा करना है। ताकि हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों का पता चल सके। नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने कहा कि IFC-IOR प्रक्षेपण समुद्री सुरक्षा से संबंधित सूचना संलयन और आदान-प्रदान के एक महत्वपूर्ण हब साबित होगा। समुद्री सुरक्षा के मामले में यह आने वाले दिनों अहम भूमिका निभाएगा। उन्‍होंने इस केंद्र की स्‍थापना को एक बेहतर पहल बताया।

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प्रियंका चोपड़ा को डैनी काये ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड के लिए चुना गया

यूनिसेफ की गुडविल एम्बेसडर प्रियंका चोपड़ा को न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित समारोह यूनिसेफ स्नो फ्लेक बॉल में सम्मानित किया जाएगा। यूनिसेफ यूएसएस ने इसकी घोषणा अपने ट्विटर हैंडल पर की। इस अभियान के तहत प्रियंका चोपड़ा बच्चों की शिक्षा के लिए कार्य करती हैं. वे यूनिसेफ की गुडविल एम्बेसडर भी हैं. वे संयुक्त राष्ट्र के “गर्ल अप” अभियान का हिस्सा भी रह चुकी हैं. वे भारत में विभिन्न NGO से जुड़ी हुई हैं जो बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए कार्य करते हैं। यूनिसेफ बाल अधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी है। इसकी स्थापना 11  दिसम्बर, 1946  को हुई  थी। इसका मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्थित है। वर्तमान में यूनिसेफ के अध्यक्ष तोरे हेट्रेम हैं। यह संस्था विश्व भर में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा कल्याण के लिए कार्य करती है।
डैनी काये मानवाधिकार पुरस्कार
इस पुरस्कार का नाम अभिनेता डैनी काये के नाम पर रखा गया है, वे अमेरिकी अभिनेता, गायक व डांसर थे। वे 1954 में यूनिसेफ के पहले गुडविल एम्बेसडर बने थे।

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जम्मू-कश्मीर में छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन बढ़ाया गया

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की मियाद छह महीने के लिए बढ़ाने को मंजूरी दे दी. फिलहाल इसकी अवधि 2 जुलाई 2019 को खत्म हो रही है।  अब 3 जुलाई, 2019 से राष्ट्रपति शासन की अवधि 6 महीने के लिए बढ़ जायेगी। यह फैसला जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।
जून 2018 में भारतीय जनता पार्टी ने पीडीपी से अपना समर्थन वापस लिया था, जिसके कारण जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ़्ती के नेतृत्व वाली पीडीपी सरकार गिर गयी थी। इसके बाद राज्य में राज्यपाल शासन लागू हुआ था। 1996 के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार राष्ट्रपति शासन लागू हुआ है। जम्मू-कश्मीर के संविधान के सेक्शन 92 के अनुसार राज्य की वैधानिक मशीनरी कार्यशील न होने के कारण 6 महीने तक राज्यपाल शासन लागू होता है। 6 महीने तक राज्यपाल शासन के बाद जम्मू-कश्मीर के संविधान में इसे आगे बढ़ाने की कोई और व्यवस्था नही है, इसलिए राज्यपाल शासन की अवधि समाप्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागु किया गया।

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किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन का आयोजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एससीओ यानी शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन की बैठक में शामिल हो रहे हैं। यह बैठक किर्गिस्‍तान की राजधानी बिश्‍केक में 13 और 14 जून को आयोजित हो रहा है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से हुई मुलाकात में अक्टूबर, 2019 में चिनफिंग की भारत यात्रा का एजेंडा तय हुआ तो पुतिन व मोदी की वार्ता में सितंबर, 2019 में मोदी की रूस यात्रा को अंतिम रूप दिया गया। मोदी ने चिनफिंग को साफ तौर पर यह बता दिया गया कि उनका मित्र राष्ट्र पाकिस्तान आतंकवाद के मुद्दे पर अपने रवैये में कोई खास सुधार करता नहीं दिख रहा। ऐसे में पाकिस्तान से वार्ता की कोई गुंजाइश नहीं बन रही। वास्तविक रूप से एससीओ का जन्म 15 जून 2001 को हुआ। तब चीन, रूस और चार मध्य एशियाई देशों कज़ाकस्तान, किर्ग़िस्तान, ताजिकिस्तान और उज़बेकिस्तान के नेताओं ने शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना की और नस्लीय और धार्मिक चरमपंथ से निबटने और व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए समझौता किया।
इस संगठन का उद्देश्‍य नस्लीय और धार्मिक चरमपंथ से निबटने और व्यापार-निवेश बढ़ाना था. एक तरह से एससीओ (SCO) अमरीकी प्रभुत्‍व वाले नाटो का रूस और चीन की ओर से जवाब था।

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DRDO ने हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डेमोनस्ट्रेटर व्हीकल का परीक्षण किया

भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने भविष्य में कई मिशनों को अंजाम देने वाले एक महत्वपूर्ण टेक्नॉलॉजिकल डिमॉन्सट्रेटर मिसाइल व्हीकल को आज सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इस मिसाइल को ओडिशा के बालासोर के तट से प्रक्षेपित किया गया। टेक्नॉलॉजिकल डिमॉन्सट्रेटर मिसाइल व्हीकल को अग्नि सीरीज की मिसाइल के साथ स फलतापूर्वक लॉन्च किया गया। इस हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमोन्स्ट्रेटर व्हीकल को भविष्य में न केवल हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों बनाने में इस्तेमाल होगा बल्कि इसके ज़रिये काफ़ी कम खर्च में सैटेलाइट लॉन्चिंग भी की जा सकेगी। अब्‍दुल कलाम आईलैंड पर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्‍ट रेंज नंबर चार लॉन्‍च पैड से इसे सुबह करीब 11 बजकर 25 मिनट पर फायर किया गया था। यह मिसाइल एक टन वज़नी और 18 फीट लंबे इस एयरव्हीकल को अग्नि 1 मिसाइल से लॉन्च किया गया। इसे एचएसटीडीवी को एक ख़ांस ऊंचाई तक पहुंचाना था जिसके बाद स्क्रैमजेट इंजन अपने आप चालू होता और वो व्हीकल को 6 मैक की रफ्तार तक पहुंचाता। पहली बार इस नई टेक्‍नोलॉजी का टेस्‍ट किया गया है। जो डाटा रडार से मिला है उससे साफ है कि टेस्‍ट पूरी तरह से सफल रहा। इस प्रोग्राम के तहत 20 सेकेंड तक स्क्रैमजेट टेक्नॉलजी का प्रदर्शन किया गया। इस प्रोग्राम में पूरी कामयाबी मिलने के बाद भारत कुछ गिने-चुने देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा।

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कंबोडिया के सीएम रीप में 16वां एशिया मीडिया शिखर सम्मेलन 2019 शुरू

कंबोडिया के सीएम रीप में 16वां एशिया मीडिया शिखर सम्मेलन 2019 शुरू हुआ, इसका उद्घाटन 12 जून को किया गया। इसकी थीम मीडिया के डिजिटलीकरण पर आधारित है। इस तीन दिवसीय इवेंट में 42 देशों के 600 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस शिखर सम्मेलन का आयोजन कंबोडिया के सूचना मंत्रालय द्वारा एशिया प्रशांत प्रसारण विकास संस्थान (AIBD) के साथ मिलकर किया जा रहा है। इस शिखर सम्मेलन की एक प्रमुख घटना प्रसारण नेटवर्क्स के सीईओ का गोलमेज़ सम्मेलन है। एशिया मीडिया शिखर सम्मेलन अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय प्रसारण इवेंट्स में से एक है। इस शिखर सम्मेलन में सूचना मंत्री, प्रसारक,  मीडिया के कमर्चारी, उद्योग के लीडर, शिक्षाविद, अनुसंधानकर्ता, विशेषज्ञ तथा मीडिया के नीति-निर्माता हिस्सा लेते हैं। इसमें मीडिया के गुणवत्ता को बेहतर बनाने तथा चुनौतियों का सामना करने पर चर्चा की जाती है।

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2030 तक भारत का अंतरिक्ष में अपना स्पेस स्टेशन होगा

अंतरिक्ष कार्यक्रम में कई मुकाम हासिल कर चुके भारत ने एक बड़ी घोषणा करते हुए अब स्पेस स्टेशन बनाने का ऐलान किया है। गगनयान मिशन के तहत भारत 2022 तक अपने अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की कक्षा में भेजेगा। इसके बाद 2030 तक स्पेस स्टेशन लॉन्च करने की तैयारी करेगा। इसरो चीफ डॉ. के सिवन ने गुरुवार को बताया कि हमें मानव अंतरिक्ष मिशन के बाद गगनयान कार्यक्रम को बनाए रखना होगा, लेकिन हम इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का हिस्सा नहीं होंगे।  सिवन ने बताया कि हमारा स्पेस स्टेशन छोटा होगा। हम एक मॉड्यूल लॉन्च करेंगे। इसका उपयोग माइक्रोग्रैविटी एक्सपेरिमेंट में किया जाएगा। इसका वजन लगभग 20 टन होगा। इसके लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसकी योजना पर 5 से 7 वर्ष काम होगा।
फायदा
अंतरिक्ष में रहकर वैज्ञानिक महत्वपूर्ण शोध कर सकेंगे
अंतरिक्ष युद्ध की स्थिति में इस स्टेशन की भूमिका महत्वपूर्ण
इससे अंतरिक्ष पर्यटन की राह भी खुल सकती है
अंतरिक्ष प्रौद्यौगिकी और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा
अंतरिक्ष कार्यक्रम में बड़ी सफलताएं
चंद्रयान और मंगलयान का सफल परीक्षण
अंतरिक्ष में घूमते उपग्रह को मार गिराने में सफलता
अंतरिक्ष रक्षा एवं अनुसंधान एजेंसी की स्थापना
भारत उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए जीएसएलवी प्रक्षेपन यान विकसित करना
एक साथ कई उपग्रहों के प्रक्षेपण की क्षमता हासिल करना
देश के पहले मानव-अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के चयन का काम इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि इसरो ने वर्ष 2022 में देश की आजादी की 75 वर्षगांठ से पहले अंतरिक्ष में पहला मानव मिशन भेजने का फैसला किया है। यह पूरी तरह से भारतीय मिशन होगा। इसके लिए अंतरिक्ष यात्रियों के चयन की प्रक्रिया जारी है। मिशन की तैयारी की निगरानी के लिए गगनयान राष्ट्रीय सलाहकार परिषद का गठन किया गया है तथा छह महीने में चयन पूरी कर ली जाएगी। डॉ. शिवन ने बताया कि दिसंबर 2021 में गगनयान के प्रक्षेपण की योजना है। तीन अंतरिक्ष यात्री तीन से सात दिन तक अंतरिक्ष में रहेंगे।

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