08 Mar, 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 रुपये का सिक्का जारी किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 20 रुपये का सिक्का जारी किया है. प्रधानमंत्री मोदी ने 07 मार्च 2019 को 20 रुपये के नए सिक्के के अलावा 1 रुपये, 2 रुपये, 5 रुपये और 10 रुपये का नया सिक्का भी जारी किया है.
यह 20 रुपये का सिक्का दिव्यांग, विशेषकर दृष्टिबाधित लोगों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. वे भी इसकी विशेष फीचर्स के चलते इसे पहचान सकेंगे. सिक्कों की अलग-अलग विशेषताओं के चलते यह दिव्यांग लोगों को भी आसानी से पहचान में आ पाते हैं.

20 रु. के सिक्के की खासियतें
•    20 रुपये के सिक्के का आकार 27 एमएम होगा. 
•    सिक्के के आगे वाले भाग पर अशोक स्तम्भ का सिंह होगा, जिसके नीचे 'सत्यमेव जयते' लिखा होगा. 
•    सिक्के में बायीं ओर हिंदी में 'भारत' और दायीं ओर अंग्रेजी में 'INDIA' शब्द लिखा होगा.
•    पिछले हिस्से पर सिक्के का मूल्य '20' अंकित होगा. इसके ऊपर रुपये का चिह्न होगा. इसके अलावा इस पर अनाज को उकेरा जाएगा.
•    सिक्के की आउटर रिंग 65 फीसदी कॉपर, 15 फीसदी जिंक और 20 फीसदी निकल होगा 
•    20 रुपये के सिक्के के अंदर की डिस्क में 75 फीसदी कॉपर, 20 फीसदी जिंक और 5 फीसदी निकल होगा.
•    20 रुपये का यह सिक्का 12 किनारे वाले बहुभुज आकार वाला होगा जबकि इसका वजन 8.54 ग्राम होगा.
•    गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 10 रुपये का सिक्का 2009 में जारी किया था.

भारत में 10 रुपये के सिक्के
मार्च 2009 में आरबीआई ने 10 रुपये का पहला सिक्का जारी किया था. इसके बाद किसी और करेंसी का सिक्का जारी नहीं किया गया था. पहले से चल रहे एक, दो, पांच और 10 रुपये के नए सिक्के ही जारी होते रहे. भारत के बाजार में 10 रुपये के करीब 13 अलग-अलग डिजाइन के सिक्के चलन में हैं. लोगों में इन सिक्कों को लेकर के पहले काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी. लेकिन आरबीआई द्वारा जारी की गई घोषणा के बाद से यह भ्रम समाप्त हुआ था.

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दिल्ली सरकार ने पहला कॉमन मोबिलिटी एप्प वन दिल्ली लॉन्च किया

दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने 06 मार्च 2019 को दिल्ली का पहला कॉमन मोबिलिटी एप्प वन दिल्ली (One Delhi) लॉन्च किया. इस एप्प को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करके दिल्ली मेट्रो और बस, दोनों से अपनी यात्रा प्लान की जा सकेगी.

इस एप्प की सहायता से यात्री आसानी से बस रूट, टाइमिंग, क्लस्टर बस संबंधित स्टैंड पर आने का टाइम भी जान सकेंगे. इसमें सार्वजनिक परिवहन वाहनों पर जीपीएस लगा होने के कारण उनकी गतिविधि का पता लगाया जा सकेगा.

एप्प 'वन दिल्ली' की विशेषताएं
•    एप्लीकेशन के इस्तेमाल से यात्रियों को नीचे रंग के मार्क से बस स्टॉप की लोकेशन का पता लगेगा.
•    किसी निर्धारित बस स्टॉप से गुजरने वाली बसों के रूट, बसों के गुजरने का समय और उपलब्धता की स्थिति का भी पता चलेगा.  
•    यात्रियों को बसों की स्थिति के लिए एप्लीकेशन पर संतरी निशान से बसों की स्थिति और समय पता चल पाएगी.
•    जब यात्री किसी एक बस की लोकेशन पर टच करेगा तो उसे यह भी जानकारी मिल जाएगी कि बस किस रूट की है और किस रूट से गुजरेगी.
•    वन दिल्ली एप्प के जरिये यात्रियों को चुने गए दायरे के बीच यात्रा पर खर्च होने वाले किराये की भी जानकारी मिलेगी. 
•    इसके अलावा इस एप्प के माध्यम से किराया, यात्रा का समय, इंटरचेंज और स्टेशनों की विस्तृत जानकारी भी मिलेगी.
•    यात्रियों को इस एप्प द्वारा राजधानी के तत्कालीन तापमान और प्रदूषण की स्थिति की जानकारी भी दी जाएगी. 
•    परिवहन विभाग द्वारा इस एप्लीकेशन को गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध कराया गया है.

परिवहन विभाग द्वारा इस एप्लीकेशन को गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध कराया गया है. यात्रियों को इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए गूगल प्ले स्टोर पर ‘वन दिल्ली’ के नाम से उपलब्ध एप्लीकेशन को डाउनलोड करना होगा. इसमें वन कार्ड रिचार्ज, इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल जर्नी प्लानिंग फीचर जोड़ी जायेंगी. फिलहाल यह एप्प एंड्रॉयड यूजर्स के लिए है लेकिन जल्द ही इसे एप्पल फोन के लिए भी तैयार किया जाएगा.

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07 मार्च को जन-औषधि दिवस मनाया

केंद्रीय रसायन और उर्वरक, सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाल ही में घोषणा की कि भारत में प्रत्येक वर्ष 07 मार्च 2019 को जन-औषधि दिवस मनाया जायेगा.

जेनेरिक दवाओं के उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए 7 मार्च, 2019 को पूरे भारत में जनऔषधि दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देशभर में जनऔषधि केंद्रों के मालिकों और योजना के लाभार्थियों के साथ बातचीत भी की. देश के सभी ब्लॉकों में 2020 तक कम से कम एक प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) केंद्र स्थापित किया जायेगा.

जनऔषधि दिवस समारोह के हिस्‍से के रूप में, इस योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी पीएमबीजेपी केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किए गये. इन कार्यक्रमों में डॉक्टरों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, गैर-सरकारी संगठनों और लाभार्थियों की भागीदारी शामिल थी.

प्रधानमंत्री भारतीय   जनऔषधि परियोजना (PMBJP)  
प्रधानमंत्री जन औषधि   परियोजना   (PMBJP) भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र   मोदी द्वारा 01 जुलाई 2015 को घोषित एक योजना है. इस योजना में   सरकार द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक (Generic) दवाईयों के दाम   बाजार मूल्य से कम किए जा रहें है. सरकार द्वारा 'जन औषधि स्टोर' बनाए गए हैं, जहां जेनरिक   दवाईयां उपलब्ध करवाई जा रही है.

प्रधानमंत्री जन औषधि   अभियान मूलत: जनता को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया हैं ताकि जनता समझ सके   कि ब्रांडेड मेडिसिन की तुलना में जेनेरिक मेडिसिन कम मूल्य पर उपलब्ध हैं साथ   ही इसकी क्वालिटी में किसी तरह की कमी नहीं हैं. साथ ही यह जेनेरिक दवायें   मार्केट में मौजूद हैं जिन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता है.

योजना के लाभ
पीएमबीजेपी के माध्‍यम से स्थायी और नियमित कमाई के साथ स्वरोजगार का स्रोत भी उपलब्‍ध हो रहा है.
ब्यूरो ऑफ फार्मा पीएसयू ऑफ इंडिया (बीपीपीआई) द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार प्रतिमाह औसत बिक्री प्रति स्टोर 1.50 लाख रुपये (ओटीसी और अन्य उत्पादों सहित) तक बढ़ गई है.
चार बड़े गोदामों दिल्ली, गुवाहाटी, बेंगलुरु, चेन्नई को खोला गया है, ताकि सभी पीएमबीजेपी केंद्रों पर जनऔषधि दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके.
पीएमबीजेपी योजना के तहत पहले से लॉन्च किए गए और पीएमबीजेपी केंद्रों में उपलब्ध किफायती गुणवत्ता वाले स्वास्थ्य उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई. इसमें अन्‍य चीजों के अलावा, 2.50 रूपये प्रति पीस में जनऔषधि सुविधा ऑक्‍सोबायोडिग्रेडेबल सेनेटरी नैपकिन, 140 रूपये प्रति पैक जनऔषधि स्‍वाभिमान (5 एडल्ट डायपर के लिए), 20 रुपये प्रति पैक जनऔषधि बचपन (5 बेबी डायपर), 20 रुपये में जनऔषधि अंकुर गर्भावस्था परीक्षण किट, 35 रूपये में जनऔषधि ऊर्जा एनर्जी ड्रिंक (300 ग्राम पैक के लिए) शामिल हैं.

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महिला और बाल विकास मंत्रालय ने वेब वंडर वुमेन कार्यक्रम का आयोजन किया

महिला और बाल विकास मंत्रालय ने 06 मार्च 2019 को सोशल मीडिया के माध्यम से सामाजिक सुधारों को प्रेरित करने वाली महिलाओं की असाधारण उपब्धियों को मनाने के लिए आयोजित अभियान वेब वंडर वुमेन का अभिनंदन करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया. व्यापक अनुसंधान प्रक्रिया के बाद 30 महिलाओं का चयन किया गया, जिन्हें नई दिल्ली में महिला और बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका संजय गांधी ने सम्मानित किया.

ट्विटर इंडिया तथा ब्रेकथ्रू इंडिया के सहयोग से आयोजित इस समारोह का उद्देश्य विश्व की उन भारतीय महिला हस्तियों की दृढ़ता और साहस को मान्यता देना है जिन्होंने समाज में परिवर्तन के लिए सार्थक अभियान चलाने में सोशल मीडिया की शक्ति का उपयोग किया है.

‘वेब वंडर वुमन’ पुरस्कार चयन प्रक्रिया
महिला और बाल विकास   मंत्री ने 10 निर्णायकों के पैनल के साथ 30 महिलाओं के नामों को अंतिम रूप दिया,   जिन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से समाज को   प्रभावित किया है. इन महिलाओं का चयन 240 से अधिक नामांकनों से मीडिया, जागरुकता, कानूनी, स्वास्थ्य,   सरकारी, खाद्य, पर्यावरण,   विकास, व्यवसाय तथा कला श्रेणियों के अंतर्गत प्राप्त किए गए. वेब वंडर वुमेन   ऐसी आवाजों को मान्यता देने, सम्मानित करने और प्रोत्साहित करने के लिए है, जिन्होंने अपनी क्षमता में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर सार्थक प्रभाव डाले   हैं.

चुनिंदा विजेताओं के बारे में जानकारी
अधुनिका प्रकाश ब्रेस्टफीडिंग सपोर्ट फॉर इंडियन मदर्स (BSIM) की संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं. वे प्रौद्योगिकी का उपयोग करने वाली एक सामाजिक उद्यमी हैं. उन्होंने 85,000 से अधिक लोगों तक स्तनपान के बारे में जागरुकता की बात पहुंचाई है. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से 3 शहरों में सफल कार्यक्रम आयोजित कराये.

आफरीन सिद्दकी शेरवानी देश के विकास पर काम करने वाली पेशेवर सामाजिक कार्यकर्ता हैं. उन्होंने 11 वर्षों से भी अधिक समय तक ग्राम पंचायतों से लेकर नीति निर्माताओं और संयुक्त राष्ट्र के साथ काम किया है. उन्होंने 5000 से भी अधिक महिलाओं को स्वावलंबी बनाया है.

अंकिता आनंद एक स्वतंत्र पत्रकार-लेखक-कवियत्री हैं, जो सामाजिक न्याय के मुद्दे पर काम करती हैं. उन्हें भारत और विदेश में उनकी पत्रकारिता, लेखन एवं कविताओं के लिए सम्मानित किया जा चुका है. वर्तमान में वे जेंडर सेंसिटिव रिपोर्टिंग कर रही हैं.

अर्चना के.आर. पश्चिमी घाट में कर्नाटक के सकलेशपुर के पास एक गाँव की निवासी हैं. वह सार्वजनिक समस्या को हल करने के लिए काम कर रही हैं. उन्हें बच्चों और महिलाओं के साथ काम करने का वृहद अनुभव प्राप्त है. उन्होंने अब तक 12,000 से अधिक युवाओं के साथ काम किया है.

‘वेब वंडर वुमन’ पुरस्कार विजेताओं की सूची
अधुनिका प्रकाश, आफरीन   सिद्दकी, अंकिता आनंद, अर्चना के आर, छवि वोहरा, डॉ. एंजेला चौधरी, डॉ. सौदर्य   राजेश, डॉ. अनुभूति यादव, डॉ. देबरति हलदर, डॉ. लक्ष्मी गौतम, जपलीन पसरीचा,   मधुलिका चौधरी, नमामि अग्रवाल, परोमिता बारदोली, पारुल माथुर, संगीना वलायत, डॉ   श्रुति कपूर, श्वेता पाठक, सोनल गोयल, सोनल कपूर, श्रीलेखा चक्रवर्ती, सुप्रीत   के. सिंह, विनीता देशमुख, कीर्ती जयकुमार, उर्वशी सरकार, सोहिनी चट्टोपाध्याय,   मनु खजुरिया, ऋषिका शर्मा और रक्षिता द्वेवेदी.

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इंदौर शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार का प्रथम पुरस्कार

राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने मध्यप्रदेश के इंदौर शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया. इंदौर को लगातार तीसरे वर्ष यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है.

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भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण ने 22 जीपीएस स्टेशनों की स्थापना की

भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण ने देश भर में 22 जीपीएस स्टेशनों की स्थापना की. इन स्टेशनों का उपयोग भूकंप की दृष्टि से खतरनाक क्षेत्रों की पहचान करने के लिए किया जाएगा, इससे मानचित्रण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.

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सरकार या राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का अपमान करने पर 15 दिनों की जेल

रूसी संसद ने एक कानून पास किया है जिसके तहत सरकार या राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का अपमान करने पर 15 दिनों की जेल या 1.06 लाख रुपये जुर्माना हो सकता है.

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वेनेजुएला सरकार ने जर्मन राजदूत डैनियल क्रिएनर को देश से निष्कासित करने की घोषणा की

वेनेजुएला सरकार ने जर्मन राजदूत डैनियल क्रिएनर को देश से निष्कासित करने की घोषणा की है. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार ने जर्मनी के राजदूत व्यक्ति को नॉन ग्रेटा घोषित किया है और उन्हें 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है.

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नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने मुंबई में इंडिया ज्वेलरी पार्क का शिलान्यास किया

वाणिज्य और उद्योग और नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने 06 मार्च 2019 को नवी मुंबई में इंडिया ज्वेलरी पार्क का शिलान्यास किया. द इंडिया ज्वैलरी पार्क देश में अपनी तरह का पहला आभूषण पार्क है.

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आगामी 50 वर्ष में 1700 प्रजातियों पर विलुप्त होने का खतरा बढ़ने की आशंका

पत्रिका ‘नेचर क्लाइमेट चेंज’ में प्रकाशित एक अध्ययन में यह बात कही गई है कि मनुष्य द्वारा लगातार बढ़ रहे भूमि इस्तेमाल का खामियाजा अन्य जीवों को भुगतना पड़ सकता है. अध्ययन में यह पाया गया कि मनुष्यों द्वारा भूमि प्रयोग बढ़ाए जाने से आगामी 50 वर्ष में 1700 प्रजातियों पर विलुप्त होने का खतरा बढ़ने की आशंका है.

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