07 Mar, 2019

असम में राइस नॉलेज बैंक की शुरुआत

हाल ही में असम में राइस नॉलेज बैंक की शुरुआत हुई है. यह एक कृषि वेब पोर्टल है जो चावल उत्पादन प्रौद्योगिकियों और तकनीकों, उत्पादन के सर्वोत्तम तरीकों और राज्य कृषि के बारे में ज्ञान बढ़ाने के लिये समर्पित है.

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पूर्व वित्त सचिव हसमुख अधिया को बैंक ऑफ बड़ौदा का गैर-कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किया

केंद्र सरकार ने पूर्व वित्त सचिव हसमुख अधिया को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा का गैर-कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किया है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने तीन साल की अवधि के लिये उनकी नियुक्ति को मंज़ूरी दी है.

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पाकिस्तानी नागरिकों का अमेरिका ने वीज़ा की अवधि घटाई

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद दुनियाभर में घिरे पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका लगा है. अमेरिका ने उनके देश में आने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को मिलने वाले वीज़ा की अवधि घटा दी है.
पाकिस्तानी अखबार द ट्रिब्यून के अनुसार, पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी राजदूत ने इस बात की सूचना सरकार को दे दी है. अमेरिका की सरकार ने फैसला किया है कि वह पाकिस्‍तान के नागरिकों को तीन महीने से ज्‍यादा का वीजा नहीं देगी.

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वायु प्रदूषण के कारण दुनियाभर में 70 लाख लोगों की मौत

संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट के अनुसार, घर के अंदर और बाहर होने वाले वायु प्रदूषण के कारण दुनियाभर में हर साल करीब 70 लाख लोगों की मौत समय से पहले हो जाती है जिनमें 6 लाख बच्चे भी शामिल हैं.
दुनिया में तेजी से बढ़ता वायु प्रदूषण जानलेवा हो गया है. दुनिया की बड़ी आबादी दूषित आबोहवा में सांस लेने को विवश है. रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की करीब छह अरब आबादी दूषित आबोहवा में सांस ले रही है जिससे उनकी जिंदगी और सेहत खतरे में पड़ गई है. इसमें एक तिहाई बच्चे भी हैं.
हर घंटे 800 लोगों की हो रही है मौत
रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में प्रदूषित हवा में सांस लेने के कारण हर घंटे करीब 800 लोगों की मौत हो रही है. दुनियाभर में वायु प्रदुषण के कारण कैंसर, सांस संबंधी बीमारी या दिल की बीमारी से मर रहे हैं जो प्रत्यक्ष तौर पर प्रदूषित हवा में सांस लेने के कारण होती है.
रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण एक ऐसी समस्या है, जिसे रोका जा सकता है. इसके लिए उन्हें स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए कानूनी दायित्वों को निभाने का आग्रह किया जाना चाहिये.
रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदुषण को दूर करने हेतु वायु गुणवत्ता एवं मानव स्वास्थ्य पर उसके प्रभावों की निगरानी, वायु प्रदूषण के स्रोतों का आंकलन और जन स्वास्थ्य परामर्शों समेत अन्य सूचनाओं को सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध कराना शामिल है.
वायु प्रदूषण का मुख्य कारण:
वायु प्रदूषण हर जगह है.   इसके प्रमुख कारणों में बिजली के लिए जीवाश्म ईधन जलाना, परिवहन और औद्योगिक गतिविधियां के अलावा खराब कचरा   प्रबंधन और कृषि संबंधी कार्य हैं.
संयुक्त राष्ट्र के बारे में:
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है. इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय कानून को सुविधाजनक बनाने के सहयोग, अन्तर्राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, मानव अधिकार और विश्व शांति के लिए कार्यरत है. संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र पर 50 देशों के हस्ताक्षर होने के साथ हुई.
वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र में 193 देश है, विश्व के लगभग सारे अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त देश हैं. इस संस्था की संरचन में आम सभा, सुरक्षा परिषद, आर्थिक व सामाजिक परिषद, सचिवालय और अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय सम्मिलित है.

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टीवी स्टार काइली जेनर सबसे कम उम्र में सेल्फ मेड अरबपति बनी

फोर्ब्स के मुताबिक, फेसबुक को-फाउंडर मार्क ज़करबर्ग को पछाड़कर 21 वर्षीय अमेरिकी टीवी स्टार काइली जेनर सबसे कम उम्र में सेल्फ मेड अरबपति बन गई हैं. ज़करबर्ग ने यह उपलब्धि 23 साल की उम्र में हासिल की थी.

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चीन ने अपने जीडीपी लक्ष्य को 6 से 6.50 प्रतिशत तक घटाया

चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग ने चिंता व्यक्त की है कि देश अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार युद्ध और आर्थिक मंदी के बीच विकास के लिए एक गंभीर और अधिक जटिल वातावरण का सामना करेगा.
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ने इस वर्ष अपने जीडीपी लक्ष्य को 6 से 6.50 प्रतिशत तक घटा दिया है.

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महिला अधिकारियों को भारतीय सेना की 10 शाखाओं में स्थायी कमीशन मिलेगा

सरकार ने घोषणा की है की महिला अधिकारियों को अब भारतीय सेना की 10 शाखाओं में स्थायी कमीशन मिल सकता है. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं कि जिन महिलाओं को पहले शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) में शामिल किया गया था, उन्हें सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन मिले.
सिग्नल, इंजीनियर, आर्मी एविएशन, आर्मी एयर डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स, आर्मी सर्विस कॉर्प्स, आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स और इंटेलिजेंस जैसी शाखाओं में शामिल महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन दिया जाएगा.

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उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन के लिए 850 करोड़ देगा विश्व बैंक

उत्तराखंड आपदा रिकवरी परियोजना के लिए 96 मिलियन अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त वित्तीय सहायता के लिए केंद्र सरकार, उत्तराखंड सरकार और विश्व बैंक के बीच एक त्रिपक्षीय ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये गये हैं.
ऋण समझौता उत्तराखंड को आपदा के बाद रिकवरी से संबंधित योजनाओं में अतिरिक्त धनराशि प्रदान करेगा, जो 2013 की बाढ़ के बाद से चल रही है. इस समझौते से आपदा जोखिम प्रबंधन के लिए राज्य की क्षमता भी मजबूत होगी.
ऋण समझौते पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव समीर कुमार खरे; उत्तराखंड आपदा रिकवरी परियोजना के कार्यक्रम निदेशक अमित नेगी,; और विश्व बैंक भारत के कार्यवाहक राष्ट्रीय निदेशक हिशम एब्डो ने हस्ताक्षर किए थे.

ऋण समझौते की मुख्य विशेषताएं
•    96 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त वित्त पोषण पुल, सड़क और नदी तट संरक्षण कार्यों के पुनर्निर्माण में मदद करेगा.
•    इसमें राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के लिए प्रशिक्षण सुविधा का निर्माण शामिल है.
•    परियोजना राज्य की तकनीकी क्षमता बढ़ाने में मदद करेगी ताकि भविष्य में इस तरह के संकटों से तुरंत और अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सके.
•    इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (IBRD) से 96 मिलियन डॉलर का ऋण, पांच वर्ष की अनुग्रह अवधि और 15 वर्ष की अंतिम परिपक्वता है.

उत्तराखंड आपदा रिकवरी परियोजना
जून 2013 में,  अत्यंत भारी मूसलाधार बारिश उत्तराखंड में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन का कारण बनी थी. वर्ष 2003 की सुनामी के बाद से यह आपदा सबसे भीषण थी. इस आपदा ने उत्तराखंड के 4200 से अधिक गांवों को नुकसान पहुंचाया तहत जिसमें 4,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. इस आपदा से हुए नुकसान की रिकवरी हेतु उत्तराखंड आपदा रिकवरी परियोजना आरंभ की गई है.
वर्ष 2013 से उत्तराखंड आपदा रिकवरी परियोजना के तहत इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्माण कार्य कर रहा है. विश्व बैंक आवास और ग्रामीण कनेक्टिविटी को बहाल करने और उत्तराखंड आपदा रिकवरी परियोजना के माध्यम से समुदायों की सहायता करने के लिए 2014 से उत्तराखंड सरकार का समर्थन कर रहा है.
परियोजना की स्थिति
•    अब तक, परियोजना के तहत 2000 से अधिक पक्के मकान और 23 सार्वजनिक भवनों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. 
•    इसके अतिरिक्त 1300 किलोमीटर से अधिक सड़कों और 16 पुलों का जीर्णोद्धार भी किया जा चुका है.
•    इस   परियोजना ने राज्य के आपदा जोखिम प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने में मदद की है जिसके कारण नीतियों और संस्थानों के माध्यम से दीर्घकालिक कार्ययोजना में निवेश बढ़ा है.
•    इस परियोजना के माध्यम से एसडीआरएफ की क्षमता को भी काफी मजबूत किया गया है और यह अब तक 250 से अधिक अभियानों का संचालन कर चुका है.

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छत्‍तीसगढ़ राज्‍य सरकार और विश्‍व बैंक ने 25.2 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्‍ताक्षर किए

छत्‍तीसगढ़ राज्‍य सरकार और विश्‍व बैंक ने 05 मार्च 2019 को नई दिल्‍ली में राज्‍य के व्‍यय प्रबंधन में सुधार लाने में सहायता प्रदान करने के लिए 25.2 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्‍ताक्षर किए. इस सहायता के तहत व्‍यय की योजना, निवेश प्रबंधन, बजट कार्यान्‍वयन, सार्वजनिक खरीद एवं जवाबदेही को कवर किया जाएगा.
छत्‍तीसगढ़ सार्वजनिक वित्‍तीय प्रबंधन एवं जवाबदेही कार्यक्रम, जो लगभग एक दशक भर से छत्‍तीसगढ़ में विश्‍व बैंक द्वारा वित्‍त पोषित प्रथम राज्‍य स्‍तरीय परियोजना है, इससे राज्‍य को प्रत्‍यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और कर प्रशासन प्रणालियों को मजबूती प्रदान करने में भी मदद मिलेगी.
ऋण समझौते पर भारत सरकार की ओर से समीर कुमार खरे, अपर सचिव, आर्थिक कार्य विभाग, वित्‍त मंत्रालय, छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से कमल प्रीत ढिल्लों, सचिव, वित्त और विश्व बैंक की ओर से एक्टिंग कंट्री डायरेक्टर, हिशम एब्डो ने हस्ताक्षर किए.
लाभ
नई परियोजना राज्‍य के   मानव संसाधनों और सार्वजनिक वित्‍त के प्रबंधन की व्‍यवस्‍था करने वाली संस्‍थाओं   का क्षमता निर्माण करेगी. विश्‍व बैंक के विश्‍वस्‍तरीय अनुभवों के साथ-साथ अन्‍य   भारतीय राज्‍यों में उसके द्वारा किये गए सार्वजनिक वित्‍तीय प्रबंधन (पीएफएम)   सुधारों से मिली सीख से भी छत्‍तीसगढ़ को लाभ पहुंचेगा.
छत्तीसगढ़-विश्व बैंक समझौते के मुख्य बिंदु
इससे राज्‍य गरीबों और असहाय लोगों के लाभ के लिए व्‍यापक दक्षता के साथ और अधिक धनराशि का निवेश कर सकेगा.
आई.टी. समाधानों पर ध्‍यान केन्द्रित करने वाली इस नई परियोजना से राज्‍य की लगभग 11000 ग्राम पंचायतें और 168 शहरी नगर पालिकाएं लाभान्वित होंगी.
राज्‍य के 92% परिवार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्‍य पिछड़ा वर्गों से संबंधित हैं. ऐसे में केन्‍द्र और राज्‍य सरकार द्वारा परिवारों और व्‍यक्तियों तक संसाधन पहुंचाने के लिए प्रत्‍यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) का तेजी से इस्‍तेमाल किया जा रहा है.
छत्‍तीसगढ़ की लगभग 11000 ग्राम पंचायतों और 168 शहरी नगर पालिकाओं के पारदर्शिता और जवाबदेही पर बल देने वाले इस कार्यक्रम से लाभान्वित होने की संभावना है.
विश्‍व बैंक से मिले 25.2 मिलियन डॉलर ऋण के लिए पांच साल की अनुग्रह अवधि है और अंतिम मियाद 10.5 साल है.

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वित्त मंत्रालय ने गैर-प्राथमिक परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण में तेज़ी लाने के लिये योजना बनाई

वित्त मंत्रालय ने हाल ही में केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों (CPSEs) की गैर-प्राथमिक परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण में तेज़ी लाने हेतु निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के तहत एक विशेष सेल स्थापित करने की योजना बनाई है.
यह केंद्र सरकार की गैर-प्राथमिक परिसंपत्तियों, मुख्य रूप से भूमि और भवन, के मौद्रीकरण के लिये प्रक्रिया और तंत्र अपनाने की समग्र योजनाओं का एक हिस्सा है. नीति आयोग पहले से ही इस प्रकार की लगभग 35 कम्पनियों  की पहचान कर चुका है जो मुक्त बाज़ार में एकमुश्त बिक्री के लिये जा सकते हैं.

घोषणा के प्रमुख बिंदु
•    इसके तहत नीति आयोग द्वारा सीपीएसई कम्पनियों की गैर-प्राथमिक परिसंपत्तियों की सूची तैयार की जाएगी.
•    इस सूची पर परामर्शदाता समूह के साथ चर्चा के बाद परिसंपत्तियों को अलग-अलग कर बेचा जा सकता है.
•    इस समूह में प्रशासनिक मंत्रालयों, आर्थिक मामलों के विभाग, निवेश विभाग और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन के अधिकारी शामिल हैं.
•    वित्त मंत्री की अध्यक्षता में विनिवेश पर वैकल्पिक तंत्र द्वारा नीति आयोग की रिपोर्ट ली जाएगी, जिसके बाद CPSEs और संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय मौद्रीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे.
•    संपत्ति मौद्रीकरण विभाग उन लोगों की अचल संपत्ति की बिक्री से संबंधित मामलों को भी देखेगा जो अब भारत के नागरिक नहीं हैं अथवा चीन या पाकिस्तान जैसे देशों में निवास करने लगे हैं.

पृष्ठभूमि
गैर-प्राथमिक परिसंपत्तियाँ ऐसी संपत्तियाँ हैं जो या तो आवश्यक नहीं हैं या कंपनी के व्यावसायिक कार्यों में उपयोग नहीं की जाती हैं. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में रणनीतिक विनिवेश और शत्रु संपत्ति के कस्टोडियन के तहत अचल संपत्तियों के मौद्रीकरण के लिये संस्थागत ढांचा तैयार करने की मंजूरी दी है. इसके अलावा सीपीएसई परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण की योजना वित्त मंत्रालय की रही है जिसके तहत नीति आयोग इन कपनियों की प्रत्येक गैर-प्राथमिक परिसंपत्तियों की सूची तैयार करेगा.
निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM)
•    14 अप्रैल, 2016 से विनिवेश विभाग का नाम बदलकर निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) कर दिया गया.
•    केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में इक्विटी के विनिवेश सहित इक्विटी में केंद्र सरकार के निवेश से संबंधित सभी मामले DIPAM देखता है.
•    बिक्री या निजी प्लेसमेंट या पूर्ववर्ती केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में केंद्र सरकार की इक्विटी की बिक्री से संबंधित सभी मामले भी DIPAM के तहत आते हैं.

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