06 Feb, 2019
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जर्मनी, फ्रांस और इंग्लैंड ने ईरान के साथ एक अलग पेमेंट चैनल बनाने की घोषणा की

हाल ही में जर्मनी, फ्रांस और इंग्लैंड ने ईरान के साथ एक अलग पेमेंट चैनल बनाने की घोषणा की है। यह पेमेंट चैनल INSTEX के नाम से बनाया गया है जिसका उद्देश्य अमेरिकी प्रतिबंधों को बाईपास करके ईरान के साथ व्यापार जारी रखना है।
यूरोपियन देशों का कहना है कि उनकी कोशिश अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान से कारोबार जारी करने की है। इस पर अमेरिका की ओर से अभी तक कोई विशेष टिप्पणी नहीं की गई है लेकिन उम्मीद लगाई जा रही है कि इससे विश्व में ट्रेड वॉर बढ़ सकती है।
ईरान पेमेंट चैनल के मुख्य बिंदु:-
इस पेमेंट चैनल को जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने तैयार किया है. INSTEX का पूरा नाम "इंस्ट्रुमेंट इन सपोर्ट ऑफ ट्रेड एक्सचेंज" है।
ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद इस चैनल के जरिए कारोबारी भुगतान किया जा सकेगा। 
INSTEX का बेस फ्रांस की राजधानी पेरिस में होगा। जर्मनी के बैंकिंग एक्सपर्ट इसका प्रबंधन करेंगे। यूनाइटेड किंगडम सुपरवाइजरी बोर्ड की अगुवाई करेगा।
यूरोपीय देश शुरू में इस चैनल के माध्यम से ईरान को भोजन, दवाएं और मेडिकल उपकरण बेचेंगे, लेकिन भविष्य में अन्य सेवाओं या उत्पादों को इसमें शामिल किया जा सकता है।
बेल्जिमय का कहना है कि ईरान को लेकर अमेरिका जो चिंताएं जताता है, यूरोप उनसे पूरी तरह सहमत नहीं है। 
यह कंपनियों पर निर्भर है कि वे ईरान में काम करना चाहती हैं या नहीं। लेकिन उन्हें भी अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण सामने आए जोखिमों का ख्याल करना पड़ रहा है।
यूरोप की इन कोशिशों को ईरान के साथ 2015  में हुई परमाणु संधि को बचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

पृष्ठभूमि:- 
अक्टूबर 2015 में अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी ने ईरान के साथ समझौता किया था। इसके कुछ महीने बाद ही मई 2018 में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने स्वयं को समझौते से अलग करने की घोषणा कर दी तथा तेहरान पर पुनः प्रतिबन्ध लगा दिए। संधि में शामिल अन्य देशों ने ट्रंप से ऐसा न करने की मांग की थी। अमेरिका के परमाणु समझौते से बाहर निकलने के बावजूद यूरोपीय संघ ने इस समझौते के साथ बने रहने की घोषणा की है। यूरोप में ईरानी सत्ता के विरोधियों की हत्या की साजिशों और ओरान मिसाइल टेस्ट के बाद जनवरी 2019 में यूरोपीय संघ ने भी ईरान पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं लेकिन यूरोपियन यूनियन ईरान से संबंध समाप्त करने के पक्ष में नहीं है।

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नासा ने ब्रह्मांड में एक और आकाशगंगा का पता लगाया

नासा के अंतरिक्ष टेलिस्कोप हबल ने हाल ही में ब्रह्मांड में एक और आकाशगंगा का पता लगाया है लेकिन नासा का कहना है कि यह आकाशगंगा हमारी मौजूदा आकाशगंगा की तुलना में बौनी है। नासा के स्पेस टेलिस्कोप हबल से इस आकाशगंगा का अध्ययन किया गया जिसके बाद ही इसे बौना (Dwarf) कहा गया है।
नई आकाशगंगा को बेदिन-1 (Bedin-1) नाम दिया गया है। रॉयल एस्ट्रॉनोमिकल सोसायटी लेटर्स जर्नल के मासिक नोटिस में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक हबल के एडवांस कैमरे का उपयोग कर अध्ययन करने पर पता चला कि सितारों का एक छोटा संग्रह दिखाई दे रहा था। इन तारों की चमक और तापमान का ध्यानपूर्वक विश्लेषण करने के बाद खगोलविदों ने यह निष्कर्ष निकाला कि ये तारे आकाशगंगा के तारामंडल का हिस्सा नहीं हैं बल्कि उससे करोड़ों प्रकाश वर्ष दूर स्थित हैं।
बौनी (Dwarf) आकाशगंगा:-
बौनी आकाशगंगाओं को उनके छोटे आकार, धूमिल, धूल की कमी आदि द्वारा परिभाषित किया जाता है। इनमें पुराने तारे मौजूद होते हैं। इस प्रकार की 36 आकाशगंगाएँ पहले से ही ज्ञात हैं जो आकाशगंगा के स्थानीय समूह में मौजूद हैं, जिनमें से 22 अपनी मिल्की वे की उपग्रह आकाशगंगाएँ हैं। तारों की विशेषताओं का अध्ययन करने के बाद शोधकर्ताओं ने इस आकाशगंगा की उम्र पता की है उन्होंने बताया कि यह बौनी आकाशगंगा लगभग 1300 करोड़ वर्ष पुरानी है। अर्थात यह लगभग उतनी ही पुरानी है जितना ब्रह्मांड पुराना है। वैज्ञानिकों का मानना है कि शुरुआत में ही यह अन्य आकाशगंगाओं से दूर हो गई होंगी और इसका विकास नहीं हुआ होगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि यहां पर जीवन की संभावना बेहद कम है।

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अमेरिकी कांग्रेस की पहली हिन्दू महिला सांसद तुलसी गेबार्ड ने 2020 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की घोषणा की

अमेरिका में वर्ष 2020 में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के लिए अमेरिकी कांग्रेस की पहली हिन्दू महिला सांसद तुलसी गेबार्ड ने अधिकारिक रूप से 2020 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की घोषणा की है। वे एलिज़ाबेथ वारेन के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने वाली दूसरी महिला सीनेटर होंगी।
तुलसी गेबार्ड अमेरिका के हाउस ऑफ़ रिप्रेजेन्टेटिव में हवाई का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने अपने राष्ट्रपति अभियान की शुरुआत अमेरिका के हवाई से कर दी है। वे अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव लड़ने वाली पहली हिन्दू महिला होंगी। विदित है कि निकी हेली अमेरिकी कैबिनेट में शामिल होने वाली भारतीय मूल की पहली अमेरिकी नागरिक हैं।
तुलसी गेबार्ड के बारे में जानकारी:-
तुलसी गेबार्ड का जन्म 12 अप्रैल 1981 को अमेरिका में हुआ था।
वे अमेरिकन कांग्रेस की सदस्य बनने वाली पहली हिन्दू सदस्य हैं।
वर्ष 2004-05 में तुलसी ने हवाई आर्मी नेशनल गार्ड की फील्ड मेडिकल यूनिट में कार्य किया था।
राजनीति में आने से पहले गेबार्ड अमेरिकी सेना की ओर से 12 महीने के लिए इराक में तैनात रह चुकी हैं।
उन्हें वर्ष 2002 से 2004 के बीच हवाई हाउस ऑफ़ रिप्रेजेन्टेटिव के लिए चुना गया था, उस समय वे केवल 21 वर्ष की थी।
वे अमेरिका के किसी राज्य की विधायिका के सबसे युवा सदस्य बनीं थीं।
उन्होंने हवाई से सीनेटर पद पर काबिज होने के बाद भगवद गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी। वे पहली बार 2011 में प्रतिनिधि सभा में चुनी गई थीं।
तुलसी गेबार्ड, हाउस की आर्म्ड सर्विस कमेटी और विदेश मामलों की कमेटी की सदस्य हैं। चार बार की सांसद भारत अमेरिका के संबंधों की बड़ी समर्थक हैं।

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केरल राज्य ने एंडोसल्फान आंदोलन को हाल ही में समाप्त करने की घोषणा की

केरल राज्य ने एंडोसल्फान आंदोलन को हाल ही में समाप्त करने की घोषणा कर दी गई है।
एंडोसल्फान एक प्रतिबंधित कीटनाशक है। बच्चों में इसी कीटनाशक के संपर्क में आने की वज़ह से स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएँ पाई गई हैं, साथ ही कुछ बच्चों में जन्मजात विकृति/विकलांगता पाई गई है।

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दुनिया भर में 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस के रूप में मनाया गया

पूरी दुनिया में 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस के रूप में मनाया गया। आर्द्रभूमि दिवस का आयोजन आर्द्रभूमि की महत्त्वपूर्ण भूमिका के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिये किया जाता है।

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 42 कलाकारों को वर्ष 2017 के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान करेंगे

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश के जाने माने 42 कलाकारों को वर्ष 2017 के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान करेंगे। यह पुरस्कार राष्‍ट्रपति भवन में विशेष अलंकरण समारोह में प्रदान किये जायेंगे।

राष्ट्रपति ने संगीत नाटक, नृत्य वादन एवं गायन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए इन कलाकारों को सम्मानित करेंगे। इन कलाकारों को पुरस्कार में एक लाख रुपये का चेक प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिह्न प्रदान किया जाएगा।

संगीत नाटक अकादमी की सामान्‍य परिषद, भारत सरकार के संस्‍कृति मंत्रालय की स्‍वायत्र संस्‍था राष्‍ट्रीय संगीत, नृत्‍य और नाटय अकादमी ने 8 जून 2018 को इम्‍फाल (मणिपुर) में अपनी बैठक में संगीत, नृत्‍य, थिएटर, पारंपरिक / लोक / जनजातीय, संगीत / नृत्‍य / थिएटर / कठपुतली कला तथा कला के क्षेत्र में समग्र योगदान / छात्रवृत्ति के क्षेत्रों में 42 कलाकारों का चयन संगीत नाटक अकादमी पुरस्‍कार 2017 के लिए किया था।

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अप्रैल-दिसंबर में 7.01 लाख करोड़ रहा वित्तीय घाटा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 की अप्रैल-दिसंबर अवधि के दौरान देश का राजकोषीय घाटा 7.01 लाख करोड़ रुपये रहा जो बजट में निर्धारित लक्ष्य का 112.4% है। इससे पहले अप्रैल-नवंबर अवधि के दौरान यह आंकड़ा बजटीय लक्ष्य का 115% था।

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रोजगार मंत्रालय ने खदानों में महिलाओं की नियुक्ति करने की अधिसूचना जारी कि

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 04 फरवरी 2019 को खदानों में महिलाओं की नियुक्ति करने की अधिसूचना जारी कर दी है जिसके बाद महिलाओं को भी खनन कार्य में रोजगार के अवसर उपलब्ध हो गए हैं।
मंत्रालय ने बताया कि सरकार के इस कदम से महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन मिलेगा और उनको खनन क्षेत्र में रोजगार के समान अवसर उपलब्ध होंगे। अधिसूचना के अनुसार, कंपनियां या नियोक्ता को खदानों में महिला कर्मचारियों की अनुमति दे दी गई है। महिलाओं की नियुक्ति खदान के भीतर तथा खदान के ऊपर की जा सकती है।
प्रावधान:-
खान अधिनियम, 1952 की धारा 83 की उपधारा (1) के अंतर्गत प्रदत्‍त अधिकार का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार ने खान अधिनियम, 1952 की धारा 46 के प्रावधानों के तहत महिलाओं को जमीन के ऊपर या जमीन के नीचे स्थित खदान में रोजगार प्रदान करने की छूट दी है।
जमीन के ऊपर स्थित किसी खदान में महिलाओं को रोजगार देने के मामले में:-
खदान का मालिक महिलाओं को रात्रि 7 बजे से प्रात: 6 बजे तक की कार्य अवधि प्रदान कर सकता है।
महिलाओं की नियुक्ति उनकी लिखित अनुमति के बाद ही की जाएगी।
ऐसी नियुक्ति में महिलाओं को पर्याप्‍त सुविधाएं, सुरक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा प्रदान की जाएगी।
मुख्‍य खान निरीक्षक द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर मानक संचालन प्रक्रियाओं के क्रियान्‍वयन को ध्‍यान में रखते हुए महिलाओं की नियुक्ति की जाएगी।
कम से कम तीन महिलाओं को एक शिफ्ट में ड्यूटी दी जाएगी।
जमीन के नीचे स्थित किसी खदान में महिलाओं को रोजगार देने के मामले में:-
खदान-मालिक महिलाओं को प्रात: 6 बजे से सायं 7 बजे तक तकनीकी,निरीक्षण और प्रबंधकीय कार्य सौंप सकता हैं जहां निरंतर उपस्थिति की आवश्‍यकता न हो।
 महिलाओं की नियुक्ति उनकी लिखित अनुमति के बाद ही की जाएगी।
  ऐसी नियुक्ति में महिलाओं को पर्याप्‍त सुविधाएं, सुरक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा प्रदान की जाएगी।
मुख्‍य खान निरीक्षक द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर मानक संचालन प्रक्रियाओं के क्रियान्‍वयन को ध्‍यान में रखते हुए महिलाओं की नियुक्ति की जाएगी।
कम से कम तीन महिलाओं को एक शिफ्ट में ड्यूटी दी जाएगी।

पृष्ठभूमि:-
खान अधिनियम, 1952 में जमीन के ऊपर या नीचे स्थित खदानों में महिलाओं को सायं 7 बजे से प्रात: 6 बजे तक रोजगार देना प्रतिबंधित था। विभिन्‍न महिला कामगार समूह, उद्योग जगत और इंजीनियरिंग एवं डिप्‍लोमा की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने सरकार से समय-समय पर यह मांग की थी कि खदानों में कार्य करने के लिए महिलाओं को भी रोजगार के समान अवसर दिए जाने चाहिए।
यह अधिसूचना खनन अधिनियम 1952 में बदलाव के बाद जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार महिलाओं की तैनाती गैर जोखिम वाले कार्य तथा क्षेत्र में की जाएगी। खदान के भीतर महिलाओं की नियुक्ति अनियमित कार्य के लिए की जा सकती है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को महिलाओं को खदानों में तैनात करने के अनुरोध विभिन्न महिला कर्मचारी संगठनों, उद्योग तथा छात्रों से प्राप्त हुए थे। खनन मंत्रालय ने भी महिलाओं को खदान क्षेत्रों में तैनात करने की अनुमति देने का अनुरोध किया था।
इसके बाद श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने इस अनुरोध पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया और इसकी सिफारिशों के आधार पर महिलाओं को भी खदानों में तैनात करने की अनुमति देने का फैसला किया। इसके लिए गृह मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, खनन मंत्रालय, कोयला मंत्रालय और प्राकृतिक गैस एवं तेल मंत्रालय से व्यापक स्तर पर विचार विमर्श किया।

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पोषित उद्योगों में 70% रोज़गार स्थानीय लोगों को देना अनिवार्य किया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के अनुसार, 'वचन-पत्र' के वादों पर अमल करते हुए उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पोषित उद्योगों में 70% रोज़गार स्थानीय लोगों को देना अनिवार्य कर दिया है।

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कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने वेनेज़ुएला को 286 करोड़ रुपये की मदद का घोषणा कि

कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने राजनीतिक, आर्थिक व मानवीय संकट से ग्रस्त वेनेज़ुएला को 286 करोड़ रुपये की मदद का घोषणा किया है। गौरतलब है, वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और विपक्ष के बीच सत्ता को लेकर गतिरोध चल रहा है।

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