02 Apr, 2019

समाजसेवी पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली ज़ुज़ाना कैपुतोवा स्लोवाकिया की पहली महिला राष्ट्रपति बनी

समाजसेवी पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली उम्मीदवार ज़ुज़ाना कैपुतोवा स्लोवाकिया की पहली महिला राष्ट्रपति बन गई हैं. कैपुतोवा ने राजनयिक मारोस सेफकोविक को दूसरे चरण की वोटों की गिनती में हरा दिया. 

कैपुतोवा को यूरोपियन कमीशन के उपाध्यक्ष सेफ़्कोविक के 42 फीसदी पर 58 फीसदी वोटों से जीत हासिल हुई. पहले चरण के मतदान में कैपुतोवा को 40 फ़ीसदी वोट मिले थे जबकि सेफ़्कोविक को 19 प्रतिशत से भी कम वोट मिले थे. वे उदारवादी प्रोग्रेसिव स्लोवाकिया पार्टी की सदस्य हैं. उनकी जीत से पूर्व पार्टी की संसद में कोई सीट नहीं थी. वे 15 जून 2019 को पद की शपथ ग्रहण करेंगी.

ज़ुज़ाना कैपुतोवा के बारे में जानकारी
•    वे पेशे से एक वकील हैं. उन्हें अवैध कचरा निदान मामले से प्रसिद्धी हासिल हुई थी. यह मामला 14 वर्ष तक चला और अंत में उनकी जीत हुई थी.
•    उनका जन्म 21 जून 1973 को हुआ था. उन्होंने कॉमेंनिउस यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त की है.
•    शिक्षा के उपरांत उन्होंने पेज़िनोक की स्थानीय सरकार में भी काम किया था.
•    वे अपना स्वयं का लीगल फर्म चलाती हैं तथा कई किताबें लिख चुकी हैं.
•    उन्होंने दिसंबर 2017 में प्रोग्रेसिव स्लोवाकिया पार्टी से राजनीति में आने की घोषणा की थी.
•    ज़ुज़ाना से पूर्व इवेता रादिकोवा, 2010 से 2012 तक, देश की महिला प्रधानमंत्री रह चुकी हैं.
•    ज़ुज़ाना द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए 14 वर्षों तक किये गये संघर्षों के कारण उन्हें गोल्डमैन एनवायरनमेंट प्राइज़-2016 से भी सम्मानित किया जा चुका है.

विश्व की 10 वर्तमान महिला राष्ट्राध्यक्ष
वर्तमान समय में बहुत से देशों में महिला राष्ट्राध्यक्ष कार्यरत हैं. यहां चुनिंदा 10 देशों की महिला प्रमुखों की जानकारी दी जा रही है:


नाम                          देश                   पद

सेलोम जुराबिश्विली      जॉर्जिया            राष्ट्रपति
सहले-वर्क ज़ेव्दे          इथोपिया           राष्ट्रपति
कैटरिन जैकबदोतिर   आइसलैंड          प्रधानमंत्री
जेसिंडा अरडर्न          न्यूज़ीलैंड            प्रधानमंत्री
आंग सान सू की         म्यांमार              स्टेट काउंसलर
विद्या देवी भंडारी        नेपाल               राष्ट्रपति
कोलिंदा ग्राबर           क्रोएशिया          राष्ट्रपति
शेख हसीना              बांग्लादेश          प्रधानमंत्री
एंजेला मर्केल            जर्मनी               चांसलर
थेरेसा में                   ब्रिटेन               प्रधानमंत्री

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रॉजर फेडरर ने करियर का 101 वां खिताब जीता

स्विट्जरलैंड के रॉजर फेडरर ने यूएसए के जॉन इस्नर को सीधे सेटों में हराकर मियामी ओपन में अपने करियर का 101 वां खिताब जीत लिया है. फेडरर अब केवल अमेरिका के 109 करियर एकल खिताब वेजता जिमी कोनर्स से पीछे हैं.
रॉजर फेडरर ने मियामी ओपन में अपना चौथा खिताब जीता है. यह स्विस खिलाड़ी का 28 वां मास्टर्स खिताब है और कुल मिलाकर 101 वां ख़िताब है, वह 20 एकल ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले एकलौते खिलाडी हैं

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ऑक्सफैम इंडिया ने माइंड द गैप – स्टेट ऑफ़ एम्प्लॉयमेंट नामक रिपोर्ट जारी की

ऑक्सफैम इंडिया ने हाल ही में माइंड द गैप – स्टेट ऑफ़ एम्प्लॉयमेंट नामक रिपोर्ट जारी की, इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय श्रम बाज़ार में गुणवत्ता युक्त नौकरी की कमी तथा मजदूरी दर में बढ़ती असमानता आम बात है

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दक्षिण कोरिया ने भारत को पेनल्टी शूटआउट में हराया

दक्षिण कोरिया ने सुल्तान अजलान शाह कप 2019 के फाइनल में भारत को पेनल्टी शूटआउट में हराया. 17 वीं रैंकिंग वाले दक्षिण कोरिया ने वर्ल्ड नंबर 5, भारत को हराकर मलेशिया के इपोह में अजलान शाह स्टेडियम में आयोजित सुल्तान अजलान शाह हॉकी कप जीत लिया है. भारत विनियमन समय के 1-1 से समाप्त होने के बाद पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से मैच हार गया

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दिल्ली सरकार के स्कूल शिक्षक मनु गुलाटी को मार्था फैरेल पुरस्कार से सम्मानित किया

दिल्ली सरकार के स्कूल शिक्षक मनु गुलाटी को लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिये डेढ़ लाख की पुरस्कार राशि के साथ मोस्ट प्रॉमिसिंग इंडिविज़ुअल श्रेणी में उत्कृष्टता के लिये 2019 के मार्था फैरेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया

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भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहैल महमूद को देश का नया विदेश सचिव नियुक्त किया

भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहैल महमूद को देश का नया विदेश सचिव नियुक्त किया गया है. महमूद को अगस्त 2017 में भारत में उच्चायुक्त नियुक्त किया गया था. भारत भेजे जाने के समय वह तुर्की में राजदूत के रूप में कार्यरत थे

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देना बैंक तथा विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय प्रभावी हो गया

भारत के दो सरकारी बैंकों - देना बैंक तथा विजया बैंक का 01 अप्रैल 2019 से बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय प्रभावी हो गया है. इन दोनों बैंकों के विलय के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया है. तीनों बैंकों के विलय के उपरांत विजया बैंक और देना बैंक की सभी शाखाएं बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) की शाखाओं के तौर पर काम करना आरंभ करेंगी.
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी जानकारी में कहा गया है कि विजया बैंक और देना बैंक के उपभोक्ताओं को 01 अप्रैल 2019 से बैंक ऑफ बड़ौदा का उपभोक्ता माना जाएगा. विदित हो कि केंद्र सरकार ने बैंक ऑफ बड़ौदा को अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिये 5,042 करोड़ रुपये देने का हाल ही में निर्णय लिया था.

तीन बैंकों के विलय का प्रभाव
•    देना बैंक, विजया बैंक और बैंक ऑफ़ बड़ोदा के विलय के बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या कम होकर 18 हो गई है.
•    विलय के बाद संयुक्त निकाय का कारोबार 14.82 लाख करोड़ रुपये का होगा. इसके परिणामस्वरूप यह भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा.
•    विलय के पश्चात् एकीकृत बैंक के पास कुल 9401 बैंक शाखाएं और कुल 13432 एटीएम हो जाएंगे जो कि देश में अपने 12 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं देंगे.
•    विलय की योजना के तहत विजया बैंक के शेयर धारकों को प्रत्येक एक हजार शेयरों के बदले बैंक ऑफ बड़ौदा के 402 शेयर दिए जायेंगे. 
•    देना बैंक के शेयरधारकों को उनके प्रत्येक एक हजार शेयर के बदले बैंक ऑफ बड़ौदा के 110 शेयर दिए जायेंगे.

शेयर स्वैप क्या   है?
शेयर स्वैप डील के तहत जब   एक कंपनी दूसरी कंपनी का अधिग्रहण करती है तो पहली कंपनी दूसरी कंपनी के   शेयरधारकों को अपने कुछ शेयर देती है. ये शेयर दूसरी कंपनी के प्रत्येक शेयर के   बदले में दिए जाते हैं. चूंकि डील प्रभावी होने के बाद दूसरी कंपनी के शेयरों की   वैल्यू समाप्त हो जाती है इसलिए पहली कंपनी अपने शेयर देती है. इसके लिए दोनों   कम्पनियों के शेयरों का सटीक मूल्य निकालकर उनके उचित अनुपात के अनुसार उसे   वितरित किया जाता है.
बैंकिंग क्षेत्र में हुए अन्य विलय
यह देश के सरकारी बैंकों का दूसरा सबसे बड़ा विलय है. इससे पूर्व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने अपने पांच सहयोगी बैंकों का खुद में मर्जर कर लिया था. इनमें स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर,स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और भारतीय महिला बैंक शामिल थे. यह विलय अप्रैल 2017 में हुआ था. इसके अलावा हाल ही में सरकारी क्षेत्र के आईडीबीआई बैंक में सरकार की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी को भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को हस्तांतरित कर दिया गया है

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इसरो ने पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल सी-45 द्वारा उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) इसरो ने 01 अप्रैल 2019 को अं‍तरिक्ष में भारतीय रॉकेट पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल (PSLV) सी-45 द्वारा उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है. इस प्रक्षेपण में इलेक्ट्रॉनिक इंटेलीजेंस उपग्रह, एमिसैट का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया. आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से इस मिशन को सुबह 9:27 पर लॉन्च किया गया.

एमिसैट (EMISAT) का प्रक्षेपण रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) के लिए किया गया है. एमिसैट के साथ रॉकेट 28 अन्य विदेशी नैनो उपग्रहों को भी लेकर गया है. इसरो द्वारा छोड़ा गया रॉकेट पहले 436 किग्रा के एमिसैट को 749 किलोमीटर की दूरी पर कक्षा में स्थापित करेगा.

इसरो PSLV सी-45 प्रक्षेपण की विशेषताएं
पीएसएलवी C45 द्वारा जिन उपग्रहों को प्रक्षेपित किया गया है उनमें सबसे महत्वपूर्ण EMISAT  अर्थात इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सैटलाइट है. यह डीआरडीओ को डिफेंस रिसर्च में मदद करेगा.
EMISAT के साथ अमेरिका के 24, लिथुआनिया का 1, स्पेन का 1 और स्विट्जरलैंड का 1 सैटेलाइट शामिल है.
यह इसरो का 47वां पीएसएलवी प्रोग्राम है, जबकि ऐसा पहला है, जिसके जरिए इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सैटलाइट को लॉन्च किया गया है
सबसे पहले रॉकेट ने 749 किलोमीटर की कक्षा में EMISAT को स्थापित किया और फिर 504 किलोमीटर ऑर्बिट पर 28 अन्य सैटलाइट्स को स्थापित करेगा.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का यह पहला ऐसा मिशन है, जिसे आम लोगों की मौजूदगी में लॉन्च किया गया है.
इसके लिए इसरो ने एक गैलरी तैयार की थी, जिसमें 5,000 लोगों के बैठने की क्षमता थी.

EMISAT की विशेषताएं
EMISAT  सुरक्षा निगरानी के उद्देश्य से भी भारत के   लिए महत्वपूर्ण उपग्रह है, क्योंकि इसे   इसरो और डीआरडीओ ने मिलकर बनाया है. 
यह उपग्रह   पृथ्वी से 749 किलोमीटर (465 मील) की दूरी से भारत की सीमाओं पर होने वाली   गतिविधियों की जानकारी देगा. 
इसका विशेष   उद्देश्य पाकिस्तान और चीन की सीमा पर इलेक्ट्रॉनिक गतिविधि पर नजर रखना है. यह   भारत की सीमाओं पर उपग्रह रडार और सेंसर पर निगाह रखेगा.
इस उपग्रह से न   केवल मानवीय बल्कि संचार से जुड़ी किसी भी तरह की गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी.

सीमा प्रबंधन हेतु अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी पर कार्यबल
गृह मंत्रालय ने सीमा प्रबंधन में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी संबंधी कार्यबल तैयार किया था जिसके द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट को गृह मंत्रालय द्वारा स्वीकार किया गया. गृह मंत्रालय ने कार्यबल का गठन इसलिए किया था ताकि सीमा प्रबंधन के सुधार में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के लिए क्षेत्रों की पहचान की जा सके. कार्य बल का नेतृत्व संयुक्त सचिव (सीमा प्रबंधन) ने किया और इसके सदस्यों में सीमा सुरक्षा बल, अंतरिक्ष विभाग तथा सीमा प्रबंधन प्रभाग के प्रतिनिधि शामिल थे. कार्य बल ने इसरो और रक्षा मंत्रालय सहित विभिन्न पक्षों के साथ विचार विमर्श के बाद रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया. अंतरिक्ष विभाग की मदद से गृह मंत्रालय द्वारा इस परियोजना का कार्यान्वयन किया गया. इस परियोजना से द्वीपीय एवं सीमा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और सीमा एवं द्वीपीय क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विकास में मदद मिलेगी जिसके लिए गृह मंत्रालय आर्थिक सहायता भी प्रदान करता है

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हिंदी की प्रसिद्ध साहित्यकार और सामजिक कार्यकर्त्ता रमणिका गुप्ता का दिल्ली में निधन

हिंदी की प्रसिद्ध साहित्यकार और सामजिक कार्यकर्त्ता रमणिका गुप्ता का 27 मार्च 2019 को दिल्ली में निधन हो गया. वे 89 वर्ष की थीं. वे साहित्य, समाजसेवा और राजनीति सहित कई क्षेत्रों से जुड़ी हुई थीं

रमणिका गुप्ता ने अपने कार्यकारी वर्षों में स्त्री विमर्श पर उम्दा काम किया और विभिन्न मुद्दों को उठाया. वे एक सामाजिक सरोकारों की पत्रिका ‘युद्धरत आम आदमी’ की संपादक भी थीं

रमणिका गुप्ता के बारे में
22 अप्रैल 1930 को पंजाब में जन्मी रमणिका ने आदिवासी व दलित साहित्य को नया आयाम दिया था.
रमणिका गुप्ता ने झारखंड के हज़ारीबाग के कोयलांचल से मजदूर आंदोलनों को साहित्य के ज़रिये राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाने का काम किया.
बिहार विधानसभा और विधान परिषद् में विधायक रही रमणिका गुप्ता की आत्मकथा ‘हादसे और आपहुदरी’ बेहद लोकप्रिय पुस्तक मानी जाती है.
इसके अलावा, उनकी प्रमुख रचनाओं में ‘भीड़ सतर में चलने लगी है’, ‘तुम कौन’, ‘तिल-तिल नूतन’, ‘मैं आजाद हुई हूं’, ‘अब मूरख नहीं बनेंगे हम’, ‘भला मैं कैसे मरती’, ‘आदम से आदमी तक’, ‘विज्ञापन बनते कवि’, आदि भी शामिल थीं.
इसके अलावा ‘कैसे करोगे बँटवारा इतिहास का’, ‘दलित हस्तक्षेप’, ‘निज घरे परदेसी’, ‘सांप्रदायिकता के बदलते चेहरे’, ‘कलम और कुदाल के बहाने’, ‘दलित हस्तक्षेप’, ‘दलित चेतना- साहित्यिक और सामाजिक सरोकार’, ‘दक्षिण- वाम के कठघरे’ और ‘दलित साहित्य’, ‘असम नरसंहार-एक रपट’, ‘राष्ट्रीय एकता’, ‘विघटन के बीज’ भी उनकी यादगार कृतियों में शामिल हैं
रमणिका गुप्ता की आत्मकथा
रमणिका गुप्ता की आत्मकथा ‘हादसे और आपहुदरी’ भी काफी लोकप्रिय रही है. आपहुदरी को एक दिलचस्प और समाज का आईना बताये जाने वाली आत्मकथा के रूप में जाना जाता था. इसमें समय का इतिहास, विभाजन और राजनीति के चेहरे की असलियत दर्ज है. रमणिका ने ट्रेड युनियन लीडर के तौर पर भी काम किया था जिसके कारण उनकी आत्मकथा में मजदूर वर्ग पर होने वाली ज्यादतियों तथा उनके अधिकारों पर भी प्रकाश डाला गया है. उनका उपन्यास ‘सीता-मौसी’ और कहानी संग्रह ‘बहू जुठाई’ भी खासा लोकप्रिय रहा

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नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को 59वां स्थान

स्काईट्रैक्स द्वारा हाल ही में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के लिए रैंकिंग एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें विश्व के 100 सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डों को शामिल किया गया था. यह कार्यक्रम लंदन स्थित पैसेंजर टर्मिनल एक्सपो 2019 में आयोजित किया गया था.
इंग्लैंड की कम्पनी स्काईट्रैक्स द्वारा जारी की गई इस सूची में सिंगापुर का चांगी एयरपोर्ट विश्व का सबसे बेहतर हवाई अड्डा है जबकि नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को 59वां स्थान मिला है.

स्काईट्रैक्स अवार्ड्स 2019
सिंगापुर के चांगी हवाई अड्डे को लगातार सातवीं बार दुनिया के सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डे का ख़िताब मिला है. सिंगापुर चांगी हवाई अड्डा अपनी छत पर स्विमिंग पूल, दो 24-घंटे चलने वाले मूवी थिएटर और शॉपिंग मॉल के लिए जाना जाता है.
टोक्यो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (हनेडा), 2018 के मुकाबले एक स्थान ऊपर आकर दूसरे स्थान पर रहा. इसे विश्व के सर्वश्रेष्ठ घरेलू हवाई अड्डे और विश्व के सबसे स्वच्छ हवाई अड्डे के रूप में प्रशंसा प्राप्त हुई.
दक्षिण कोरिया स्थित इंचियोन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, 2018 में अपने दूसरे स्थान से एक स्थान नीचे आकर तीसरे नंबर पर जगह बनाने में कामयाब रहा. इंचियोन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को विश्व के सर्वश्रेष्ठ पारगमन हवाई अड्डे के तौर पर सराहा गया.
भारत के संदर्भ में विवरण
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पिछले साल के 66वें स्थान की तुलना में इस बार सुधार करते हुए 59वें स्थान पर रहा.
मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 64वें स्थान पर रहा जो कि पिछले वर्ष की तुलना में एक अंक नीचे है.
राजीव गांधी हैदराबाद हवाई अड्डा 10 अंक नीचे आकार 66वें स्थान पर रहा.
इसके अतिरिक्त बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 69वें स्थान पर रहा

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