16 Mar, 2019

GEO का छठा संस्करण जारी किया

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) द्वारा 13 मार्च 2019 को वैश्विक पर्यावरण आउटलुक रिपोर्ट (ग्लोबल एनवायरनमेंट आउटलुक रिपोर्ट- GEO) का छठा संस्करण जारी किया गया है.

इस रिपोर्ट में भारत के संदर्भ में विभिन्न आंकड़े पेश किये गये हैं. उदहारण के लिए, इसमें कहा गया है कि वर्ष 2018 में, वायु प्रदूषण से भारत में 1.24 मिलियन लोगों की मृत्यु हुई जो कि सभी मौतों का लगभग 12.5 प्रतिशत है. वर्ष 2017 में, मानसून के दौरान आने वाली बाढ़ से बिहार में 8,,55,000 लोग विस्थापित हुए. वर्ष 1980 के बाद से जलवायु संबंधी घटनाओं में वैश्विक अर्थव्यवस्था की लागत 1.2 ट्रिलियन डॉलर है, जो कि वैश्विक जीडीपी का लगभग 1.6 प्रतिशत है.

GEO-6 रिपोर्ट के प्रमुख तथ्य
रिपोर्ट में कहा गया है कि मानव जनित प्रदूषण और पर्यावरणीय क्षति विश्व भर में होने वाले 1/4 आकस्मिक निधन और बीमारियों का कारण है.
वर्ष 2015 में दुनिया भर में 9 मिलियन लोगों की मौत मानव जनित प्रदूषण के कारण हुई है.
वायु प्रदूषण, वर्तमान में प्रति वर्ष 6 से 7 मिलियन अकाल मौतों का कारण है. साथ ही यह संभावना भी व्यक्त की गई है कि अगले कुछ वर्षों तक यह आंकड़ा ज्यों का त्यों बना रहेगा.
माइक्रोप्लास्टिक्स सहित समुद्र में फेंके जाने वाले प्लास्टिक और कूड़े से समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के सभी स्तरों पर नकारात्मक प्रभाव दिखाई देता है.
मृदा क्षरण मानव कल्याण और पारिस्थितिक तंत्र के लिए एक बढ़ता खतरा है, विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों में जो भूमि की उत्पादकता पर सबसे अधिक निर्भर हैं. विश्व के 29% इलाके पर मृदा क्षरण हो रहा है जिस पर 3.2 बिलियन लोग निवास करते हैं.
लगभग 1.4 मिलियन लोग प्रतिवर्ष निवारक रोगों से मरते हैं, जैसे कि दस्त और आंतों परजीवी, जो रोगजनक-प्रदूषित पेयजल और अपर्याप्त स्वच्छता से जुड़े हैं.
यह अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2050 तक एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी संक्रमण दुनिया भर में मौत का मुख्य कारण बनेगा.
जियो-6 रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का 9% जिसका निदान किया जा सकता है. वैश्विक स्तर पर खाद्य पदार्थों का 56% कचरे में फेंक दिया जाता है.
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम

संयुक्‍त राष्‍ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) पर्यावरण के बारे में विश्‍व में अग्रणी प्राधिकारण है जो वैश्विक पर्यावरण एजेंडा तय करता है. यूएनईपी संयुक्‍त राष्‍ट्र तंत्र के भीतर सतत् विकास के पर्यावरण संबंधी पहलू के सामंजस्‍यपूर्ण क्रियान्‍वयन को बढ़ावा देता है और दुनिया के पर्यावरण के लिए अधिकार के साथ हिमायत करता है.

यूएनईपी के उत्तरदायित्वों में वैश्विक, क्षेत्रीय और राष्‍ट्रीय पर्यावरणीय परिस्थितियों और रुझानों का आकलन करना; पर्यावरण के संबंध में अंतर्राष्‍ट्रीय और राष्‍ट्रीय नीतियां तैयार करना; और पर्यावरण के सोचे-समझे प्रबंधन के लिए संस्‍थाओं को मजबूत करना शामिल है. इसके मुख्य कार्यक्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन; आपदाएं और संघर्ष; पारिस्थितिकी प्रबंधन; पर्यावरणीय शासन; पर्यावरण की समीक्षा; हानिकारक पदार्थ; और संसाधनों का कुशल उपयोग शामिल हैं.

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15 मार्च को अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया

प्रत्येक वर्ष 15 मार्च को अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है. इस दिन उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को जालसाजी या धोखाधड़ी से बचाना है.

वर्ष 2019 के लिए थीम को घोषणा की जा चुकी है तथा इस वर्ष इसे ‘विश्वसनीय स्मार्ट उत्पाद’ (Trusted Smart Products) थीम के साथ मनाया जा रहा है.  अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस, उपभोक्ताओं को उनकी शक्तियों तथा अधिकारों को जानने के महत्व के बारे में एक महत्वपूर्व अवसर है.

स्मरणीय तथ्य
वर्ष 2019 में इस दिवस का मुख्य विषय ‘विश्वसनीय स्मार्ट उत्पाद’ ((Trusted Smart Products) है.
अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस का उद्देश्य ग्राहकों को उनके अधिकारों एवं शक्तियों के प्रति जानकारी प्रदान करना है.
विश्व में पहली बार 15 मार्च, 1962 को भूतपूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी ने 13 मार्च, 1983 को अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया था.
कैनेडी ने अपने भाषण में पहली बार उपभोक्ता अधिकारों की परिभाषा को रेखांकित किया. वे विश्व के पहले माने जाते हैं जिन्होंने औपचारिक रूप से 'उपभोक्ता अधिकारों' को परिभाषित किया था.
इसके बाद प्रतिवर्ष इसे 15 मार्च से मनाया जाने लगा है.
गौरतलब है कि भारत में प्रतिवर्ष 24 दिसंबर, को ‘राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस’ मनाया जाता है.
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम उपभोक्ताओं के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य सहित संयुक्त मार्गदर्शी सिद्धांतों के आधार पर 1986 में लागू किया गया था.
भारत में उपभोक्ता अधिकार दिवस-2019

15 मार्च 2019 को भारत में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विभिन्न जिलों के उपभोक्ता फोरम में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इन कार्यक्रमों में अधिवक्ताओं, प्रबुद्ध उपभोक्ताओं व मीडिया से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया गया. इन कार्यक्रमों में उपभोक्ताओं को विचार गोष्ठी व उपभोक्ता अधिकार के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई.

इसी क्रम में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर राज्यस्तरीय समारोह हॉट बाजार परिसर में आयोजित किया गया. इस समारोह में उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, शिकायत करने की प्रक्रिया तथा इस संबंध में न्यायिक अधिकारों के प्रति जागरुक किया गया.

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न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च नामक स्थान पर दो मस्जिदों में भीषण फायरिंग की

न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च नामक स्थान पर दो मस्जिदों में एक अज्ञात बंदूकधारी द्वारा भीषण फायरिंग की गई. इस फायरिंग में 49 लोगों की मौत हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स में यह कहा जा रहा है कि हमलावर ने घटना की लाइव वीडियो भी बनाई थी.

न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न द्वारा मृतकों की संख्या की पुष्टि की गई. उनके द्वारा कहा गया कि यह न्यूज़ीलैंड के इतिहास में ‘काला दिन’ है. उन्होंने बताया कि इस मामले में एक महिला समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया है. न्यूज़ीलैंड की अल-नूर मस्जिद तथा लिनवुड मस्जिद को निशाना बनाया गया था.

घटनाक्रम
मस्जिद अल नूर में हमला स्थानीय समयानुसार दोपहर पौने दो बजे हुआ. उस समय बांग्लादेश क्रिकेट टीम के खिलाड़ी भी वहां मौजूद थे लेकिन वे जान बचाकर वहां से निकलने में कामयाब रहे. अल नूर मस्जिद क्राइस्टचर्च के डीन एवेन्यू में हेगली पार्क के सामने स्थित है.

न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने मस्जिद में हमले को 'आतंकवादी हमला' और देश के लिए 'काला दिन' बताया है. इस हमले के लिए 28 साल के एक पुरुष को ज़िम्मेदार बताया जा रहा है और चार लोगों को हिरासत में लिया गया है. न्यूजीलैंड में हुए हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया ने राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है. ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक भवनों पर झंडे को आधा झुका दिया है.

यूरोप में हुए पिछले आतंकी हमले
स्पेन
स्पेन के शहर बार्सिलोना और केम्ब्रिल्स में 18 अगस्त 2017  को आतंकी हमले हुए थे. बार्सिलोना के सिटी सेंटर में आतंकियों की एक वैन ने कई लोगों को कुचल दिया. इसमें 13 लोगों की मौत हो गई है, और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए. वहीं, दूसरा हमला कैम्ब्रिल्स में हुआ. यहां भी लोगों के बीच कार घुसा देने की एक घटना हुई थी.

ब्रिटेन
23 मई 2017 को ब्रिटेन के मैनचेस्टर शहर में एक बम धमाका हुआ. धमाके में 22 लोग मारे गए जबकि 50 लोग घायल हुए थे. यह धमाका एक एरिना में उस वक्त हुआ जब सिंगर एरियाना ग्रैंडे का कॉन्सर्ट चल रहा था. धमाके के बाद वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई. इस हमले में 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया.

पेरिस
21 अप्रैल 2017 को पेरिस में एक आतंकवादी ने एक पुलिस बस पर हमला कर दिया जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई है और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो थे. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली थी.

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RBI ने IDBI Bank को निजी क्षेत्र के बैंक की श्रेणी में रखा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 14 मार्च 2019 को आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) को निजी क्षेत्र के बैंक की श्रेणी में रख दिया है. भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा आईडीबीआई बैंक में अधिग्रहण के बाद यह कदम उठाया गया है. 

रिजर्व बैंक ने नियामकीय उद्देश्य से आईडीबीआई बैंक को निजी क्षेत्र के बैंक की श्रेणी में रखा है. एलआईसी के आईडीबीआई बैंक में चुकता शेयर पूंजी का 51 प्रतिशत अधिग्रहण के बाद बैंक को निजी श्रेणी में डाला गया है.

आरबीआई का फैसला
•    आईडीबीआई बैंक को आरबीआई के तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई रूपरेखा के अंतर्गत रखा गया है. 
•    यह कंपनियों को दिये जाने वाले कर्ज तथा शाखा विस्तार, वेतन वृद्धि तथा अन्य नियमित गतिविधियों पर रोक लगाता है. 
•    रिज़र्व बैंक ने अपने नये शेयरधारक एलआईसी के साथ मिलकर बैंक तथा बीमा को एक छत के नीचे लाने को लेकर पुनरूद्धार रणनीति तैयार की है.
•    आईडीबीआई में मालिकाना हक सरकार की जगह एलआईसी के हाथों जाने के बाद बैंक अब निजी क्षेत्र का उपक्रम हो गया है.

एलआईसी द्वारा आईडीबीआई का अधिग्रहण
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने सार्वजनिक क्षेत्र के आईडीबीआई बैंक में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है जिसकी जानकारी 21 जनवरी 2019 को सार्वजनिक की गई. इस अधिग्रहण के साथ एलआईसी अब आईडीबाईआई बैंक में बहुलांश शेयरधारक हो गया है. दोनों इकाईयों का मानना है कि इससे दोनों इकाइयों के शेयरधारकों, ग्राहकों और कर्मचारियों के लिये नये अवसर पैदा किये जा सकेंगे.

पृष्ठभूमि
वित्त मंत्री ने वर्ष 2016 के अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि आईडीबीआई बैंक में बदलाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है और सरकार इस प्रक्रिया को जारी रखेगी तथा अपनी हिस्सेदारी घटाकर 50 प्रतिशत से नीचे करने के विकल्प पर विचार करेगी. एलआईसी ने बोर्ड की स्वीकृति से आईडीबीआई बैंक में नियंत्रणकारी हिस्से के अधिग्रहण के लिए भारत के बीमा नियामक तथा विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) से अनुमति मांगी थी. एलआईसी ने आईआरडीएआई से स्वीकृति प्राप्त होने पर आईडीबीआई बैंक के 51 प्रतिशत नियंत्रणकारी हिस्से के अधिग्रहण में अभिरुचि व्यक्त की थी.

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केरल में वेस्‍ट नील वायरस के लक्षण देखे गये

हाल ही में केरल स्थित मालापुरम में एक सात वर्षीय बच्चे में वेस्‍ट नील वायरस (West Nile Virus - WNV) के लक्षण देखे गये हैं. केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री जे.पी. नड्डा तथा स्‍वास्‍थ्‍य सचिव प्रीति सूदन स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं.
वेस्‍ट नील वायरस मच्‍छर जनित बीमारी है और यह बीमारी अधिकतर द्विपीय संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका में पाई जाती है. भारत में इस बीमारी की रोकथाम और प्रबंधन के लिए केरल को सभी तरह का समर्थन देने का निर्देश दिया गया है.

वेस्ट नील वायरस (West Nile Virus)
वेस्ट नील वायरस एक मच्छर जनित रोग है.
वेस्ट नील वायरस मनुष्यों में एक घातक न्यूरोलॉजिकल बीमारी का कारण बन सकता है.

हालांकि, इससे संक्रमित लगभग 80% लोगों में इसके लक्षण लक्षण पता नहीं लग पाते हैं.
यह वायरस घोड़ों में गंभीर बीमारी और मृत्यु का कारण बन सकता है.
घोड़ों को रोग से बचाने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले टीके उपलब्ध हैं लेकिन अभी तक मनुष्य के   लिए उपलब्ध नहीं हैं.
पक्षी वेस्ट   नील वायरस के प्राकृतिक मेजबान हैं.

वेस्ट नील वायरस की उत्पत्ति
वेस्ट नील वायरस (WNV) पहली बार वर्ष 1937 में युगांडा के वेस्ट नील जिले में एक महिला में पाया गया था.
इसकी पहचान वर्ष 1953 में नील डेल्टा क्षेत्र में पक्षियों (कौवे और कोलम्बिफॉर्म) में हुई थी.
वर्ष 1997 से पहले WNV को पक्षियों के लिए रोगजनक नहीं माना जाता था, लेकिन उस समय इज़राइल में एक ही समय पर सैंकड़ों पक्षी प्रजातियों की मृत्यु हो गई थी, जो एन्सेफलाइटिस और पक्षाघात के लक्षण पेश कर रही थीं.
विश्व भर में WNV के कारण मानव संक्रमण को 50 से अधिक वर्ष पहले सूचित किया जा चुका है.

वेस्ट नील वायरस (WNV) के लक्षण
लगभग 80%   संक्रमित लोगों में WNV के साथ संक्रमण या तो स्पर्शोन्मुख (कोई   लक्षण नहीं) होता है, या वेस्ट नील बुखार या गंभीर वेस्ट नील रोग   हो सकता है.

लगभग 20% लोगों   में वेस्ट नील बुखार देखा जाता है.
इसमें सिरदर्द, तेज बुखार, थकान, शरीर में दर्द,   मतली, उल्टी, कभी-कभी त्वचा पर चकत्ते और लसीका ग्रंथियों   (Lymph Glands) में सूजन.

नील वायरस की गंभीर   अवस्था में सिरदर्द, तेज़ बुखार, गर्दन में अकड़न, स्तब्धता, मस्तिष्क भटकाव, कोमा, दौरे पड़ना, मांसपेशियों में कमजोरी, और पक्षाघात जैसे लक्षण देखेने को मिलते हैं.

यह अनुमान   लगाया जाता है कि वेस्ट नील वायरस से संक्रमित लगभग 150 में से 1 व्यक्ति ही   बीमारी के अत्यधिक गंभीर रूप में प्रवेश करेगा.

यह वायरस किसी   भी उम्र के व्यक्ति को चपेट में ले सकता है. हालांकि, 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग और कुछ प्रत्यारोपण के रोगियों का   डब्ल्यूएनवी से संक्रमित होने पर गंभीर रूप से बीमार होने का सबसे अधिक खतरा होता   है.

भारत सरकार द्वारा उठाये गये कदम
स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण सचिव ने केरल के अपर मुख्‍य सचिव श्री राजीव सदानंदन के साथ स्थिति‍ की समीक्षा की है. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने राष्‍ट्रीय बीमारी नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) से  एक बहुविषयी केंद्रीय दल रवाना किया है. इस दल में आर.एच.ओ.त्रिवेन्‍द्रम, डॉ. रुचि जैन, एनसीडीसी के सहायक निदेशक डॉ. सुनित कौर,एनसीडीसी कालीकट के एन्टोमोलॉजिस्‍ट डॉ. ई.राजेन्‍द्रन तथा एनसीडीसी के ईआईएस अधिकारी डॉ. विनय बसु शामिल हैं. केंद्रीय दल बीमारी प्रबंधन में राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों को समर्थन देगा.

भारतीय चिकित्‍सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को भी सतर्क किया गया है और केंद्र तथा राज्‍य स्‍तर पर निगरानी रखी जा रही है. देश के अन्‍य भागों में फिलहाल इस वायरस के फैलने के की कोई रिपोर्ट नहीं आई है.

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सुप्रीम कोर्ट ने क्रिकेटर श्रीसंत पर लगा आजीवन प्रतिबंध रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने 15 मार्च 2019 को आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग केस में क्रिकेटर एस श्रीसंत पर लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को हटा दिया है. जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस के एम जोसेफ की पीठ ने श्रीसंत पर लगा आजीवन प्रतिबंध हटा दिया है. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई से श्रीसंत की सजा पर फिर से विचार करने के लिए कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति एस श्रीसंत को दी जाने वाली सजा की मात्रा पर तीन महीने के भीतर पुन: विचार कर सकती है. अदालत ने कहा कि तीन महीने में बीसीसीआई फैसला करे. अदालत ने कहा कि बीसीसीआई श्रीसंत का भी पक्ष सुने.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बीसीसीआई को किसी भी मामले में क्रिकेटर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार होता है, लेकिन श्रीसंत को दी गई सजा अधिक है.

बता दें कि 2013 में आईपीएल   स्पॉट फिक्सिंग मामला सामने आने के बाद श्रीसंत पर बैन लगाया गया था. साल 2013   में खेले गए आईपीएल में श्रीसंत राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे थे, उसी वक्त उन पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे थे.

दिल्ली की निचली अदालत उन्हें   बरी कर चुकी है,लेकिन केरल हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले   को पलटते हुए बीसीसीआई के बैन निर्णय को बरकरार रखा था. दरअसल, बीसीसीआई ने श्रीसंत पर आईपीएल-2013 में स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाए जाने पर   अजीवन प्रतिबंध लगाया था. इसके खिलाफ श्रीसंत ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर   की थी. इससे पहले बीसीसीआई ने कोर्ट में कहा था कि श्रीसंत पर भ्रष्टाचार और सट्टेबाजी   करने के आरोप हैं.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण:
श्रीसंत ने वर्ष 2005 में श्रीलंका के खिलाफ नागपुर में एकदिवसीय मैच के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था. उन्होंने वर्ष 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट पदार्पण किया. श्रीसंत ने 27 टेस्ट में 37.59 के औसत से 87 विकेट जबकि वनडे में 53 मैचों में 33.44 की औसत से 75 विकेट लिए.

स्पॉट फिक्सिंग क्या है?
स्पॉट फिक्सिंग अथवा स्पॉट स्थिरण खेलों में अवैध कार्यों के लिए काम में लिया जाता है जहाँ खेल का एक विशेष भाग स्थिर कर दिया जाता है. स्पॉट फिक्सिंग किसी एक खिलाड़ी के द्वारा भी हो सकती है. मैच फिक्सिंग पूरे मैच की हार या जीत के लिए होती है, जबकि स्पॉट फिक्सिंग आमतौर पर एक बॉल या एक ओवर के लिए भी हो सकती है.

स्पॉट फिक्सिंग बल्लेबाजों और फील्डरों के साथ भी की जाती है. आमतौर पर बुकीज़ ओवर के हिसाब से बॉलर के साथ सौदा करते हैं, और यह तय किया जाता है कि किस ओवर में कितने रन दिए जाने हैं, किस गेंद पर छक्का या चौका लगेगा या कौन-सी गेंद नो बॉल या वाइड बॉल होगी.

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कर्नाटक में लिंगायत समुदाय की पहली महिला माते महादेवी का निधन

कर्नाटक में लिंगायत समुदाय की पहली महिला जगदगुरु और बसवा धर्म पीठ प्रमुख माते महादेवी का 14 मार्च 2019 को बेंगलुरु के अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने की वजह से निधन हो गया

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एम.आर. कुमार को 5 साल के लिए एलआईसी का नया चेयरमैन नियुक्त किया

कार्मिक मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, एम.आर. कुमार को 5 साल के लिए देश की सबसे बड़ी व सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है. इससे पहले, कुमार उत्तरी क्षेत्र के ज़ोनल मैनेजर (प्रभारी) थे.

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करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर भारत ने पाकिस्तान से मांग की

करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान से मांग की है कि वह ऐतिहासिक करतारपुर गुरुद्वारे तक जाने के लिए प्रतिदिन 5,000 भारतीय और भारतीय मूल के श्रद्धालुओं को वीज़ा मुक्त प्रवेश की सुविधा दे.

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पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को टीम के सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया

आईपीएल 2019 से पहले दिल्ली कैपिटल्स ने गुरुवार को पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को टीम के सलाहकार के तौर पर नियुक्त कर लिया. गौरतलब है कि पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग कैपिटल्स के मुख्य कोच हैं.

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